Chandranath Rath Murder Case: अयोध्या में छिपा था मुख्य आरोपी राज सिंह, UPI पेमेंट से खुला राज

Sandesh Wahak Digital Desk: पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के करीबी माने जाने वाले चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है।

बंगाल CID ने इस सनसनीखेज हत्याकांड में शामिल तीन शूटरों को गिरफ्तार कर लिया है। 10 मई को मयंक राज मिश्रा और विक्की मौर्य को बिहार के बक्सर से, जबकि मुख्य आरोपी राज सिंह को उत्तर प्रदेश के बलिया से गिरफ्तार किया गया।

CID पश्चिम बंगाल के मुताबिक, राज सिंह मूल रूप से बक्सर का रहने वाला है, लेकिन वारदात के बाद वह अयोध्या में छिपकर रह रहा था।

कोलकाता पुलिस और अयोध्या पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन के तहत उसकी गिरफ्तारी की गई, जिसके बाद उसे पूछताछ के लिए कोलकाता ले जाया गया है।

UPI पेमेंट से मिला अहम सुराग

इस हत्याकांड की जांच के दौरान पुलिस को एक अहम डिजिटल सुराग हाथ लगा, जिसने शूटर्स तक पहुंचने में निर्णायक भूमिका निभाई।

दरअसल, कोलकाता के पास एक टोल प्लाजा पर किए गए UPI पेमेंट को पुलिस ने ट्रैक किया। जांच टीम संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए टोल प्लाजा के डिजिटल लेन-देन और CCTV फुटेज का विश्लेषण कर रही थी।

अधिकारियों के अनुसार, इसी डिजिटल ट्रांजैक्शन से आरोपियों की पहचान और उनके फरार होने के रास्तों का पता लगाने में मदद मिली।

टारगेट की सटीक जानकारी का शक

घटना 6 मई की रात की है, जब उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम में चंद्रनाथ रथ की उनके घर के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

Chandranath Rath Murder Case

पुलिस के मुताबिक, रथ की SUV को उनके घर से करीब 200 मीटर पहले सिल्वर रंग की Nissan Micra कार ने रोका। जैसे ही गाड़ी रुकी, बाइक सवार हमलावरों ने बेहद करीब से फायरिंग शुरू कर दी।

गोलीबारी में चंद्रनाथ रथ गंभीर रूप से घायल हो गए और बाद में उनकी मौत हो गई। वह कार की आगे वाली सीट पर बैठे थे।

जांच टीम को शक है कि हमलावरों को उनके बैठने की सटीक जगह की पूरी जानकारी थी, जिससे यह साफ होता है कि हत्या पूरी तरह से सुनियोजित और पेशेवर तरीके से अंजाम दी गई।

स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि हमलावरों को अपने टारगेट की मूवमेंट और सीटिंग पोजिशन तक की सटीक जानकारी थी, जो किसी अंदरूनी सूचना की ओर भी इशारा करती है।

मामले की जांच जारी है और पुलिस अन्य संभावित साजिशकर्ताओं की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है।

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