दिग्विजय भाटी केस: थाने में डांस कराने वाले इंस्पेक्टर अखिलेश गौड़ सस्पेंड, अब चश्मदीद ने खोला राज
Digvijay Bhati Case: मेरठ में दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव (Mohit Jatav) के साथ कथित मारपीट और थाने में डांस कराने के मामले में पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। सिविल लाइन थाने के लाइन हाजिर इंस्पेक्टर अखिलेश गौड़ (Akhilesh Gaur) को SSP BBGTS मूर्ति ने निलंबित कर दिया है। उन पर कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही, उदासीनता और स्वेच्छाचारिता बरतने के आरोप लगे हैं।
इस कार्रवाई के बाद मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। समाजवादी पार्टी के सरधना विधायक अतुल प्रधान ने SSP से मुलाकात कर मामले में शामिल पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने डीआईजी सहारनपुर की जांच रिपोर्ट को शासन को भेजने और सार्वजनिक करने की मांग भी की।
चश्मदीद ने सुनाई पुलिस ऑफिस की कहानी
मोहित जाटव (Mohit Jatav) के रिश्तेदार फैजल ने एसएसपी कार्यालय पहुंचकर दावा किया कि वह Digvijay Bhati और मोहित के साथ पुलिस ऑफिस गया था। उसके मुताबिक, तीनों बुधवार करीब 11:45 बजे स्कॉर्पियो से वहां पहुंचे थे। वह बाहर वेटिंग रूम में बैठा था, तभी अंदर से चीखने और पिटाई जैसी आवाजें सुनाई दीं।
फैजल का दावा है कि इसके बाद तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडेय और कुछ पुलिसकर्मी दोनों को मुंह पर कपड़ा बांधकर बाहर ले गए। उसने बताया कि बाद में उसने मोहित के भाई पिंटू और रिंकू को इसकी जानकारी दी।
मोहित के रिश्तेदार अमित गौतम के मुताबिक, दोपहर करीब 12:20 बजे दोनों को पुलिस ऑफिस से सफेद बोलेरो में पुलिस लाइन स्थित एसओजी कार्यालय ले जाया गया। इसके बाद रात करीब आठ बजे उन्हें सिविल लाइन थाने ले जाया गया, जहां से अतुल प्रधान दोनों को वापस लेकर लौटे।
अतुल प्रधान ने की FIR की मांग
सपा विधायक अतुल प्रधान ने एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति से मुलाकात कर कहा कि मामले की आधी-अधूरी जांच पर्याप्त नहीं है। उन्होंने तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडेय, इंस्पेक्टर अखिलेश गौड़ (Akhilesh Gaur) और अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की।
अतुल प्रधान ने कहा कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मामले का संज्ञान लिया है और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए अधिकारियों से मिलने तथा जरूरत पड़ने पर आंदोलन करने के निर्देश दिए हैं।
रवि गौतम का धरना भी जारी
इधर, अधिवक्ता रवि गौतम का कमिश्नरी पार्क में धरना भी जारी है। वह तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडेय पर थप्पड़ मारने और अभद्र भाषा के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए विरोध कर रहे हैं। रविवार को धरना चौथे दिन भी जारी रहा।
फिलहाल इंस्पेक्टर अखिलेश गौड़ के निलंबन के बाद पुलिस की कार्रवाई पर सबकी नजर है। वहीं, सामने आए चश्मदीदों के दावों और जांच रिपोर्ट के आधार पर पूरे घटनाक्रम (Digvijay Bhati Case) की तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है।
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