पूर्व MLC मोहम्मद इकबाल भगोड़ा घोषित, ED जब्त करेगी 1000 करोड़ की 3 चीनी मिलें

Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश के कद्दावर नेता और बहुजन समाज पार्टी (BSP) के पूर्व एमएलसी मोहम्मद इकबाल उर्फ हाजी इकबाल पर कानून का शिकंजा पूरी तरह कस गया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की लखनऊ क्षेत्रीय इकाई की याचिका पर विशेष अदालत ने इकबाल को भगोड़ा आर्थिक अपराधी (FEOA) घोषित कर दिया है। इसके साथ ही अदालत ने आरोपी की 1000 करोड़ रुपये की अनुमानित कीमत वाली तीन चीनी मिलों को जब्त करने का आदेश जारी किया है।

दुबई में ठिकाना, भारत लौटने से इनकार

ED की जांच में यह पुख्ता हो चुका है कि हाजी इकबाल भारत छोड़कर भाग चुका है और फिलहाल दुबई में छिपा है। आरोपी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट, लुकआउट सर्कुलर और रेड कॉर्नर नोटिस पहले ही जारी किया जा चुका है, लेकिन वह जांच में शामिल होने के लिए भारत नहीं लौट रहा है। उत्तर प्रदेश पुलिस ने भी पूर्व एमएलसी की गिरफ्तारी पर 1 लाख रुपये के इनाम की घोषणा कर रखी है।

परिवार जेल में, साम्राज्य पर चला ‘हंटर’

हाजी इकबाल का पूरा परिवार इस समय कानूनी कार्रवाई की जद में है।

बेटे और भाई सलाखों के पीछे: उसके चार बेटे (वाजिद, अफजल, अलीशान, जावेद) और भाई महबूब अली रंगदारी, धोखाधड़ी और गबन के आरोपों में पिछले 18 महीनों से जेल में बंद हैं।

4,440 करोड़ की संपत्ति पहले ही कुर्क: ED इससे पहले सहारनपुर स्थित ग्लोबल यूनिवर्सिटी की इमारत और भारी मात्रा में कृषि भूमि सहित उसकी अरबों की संपत्ति जब्त कर चुकी है।

FEOA के तहत बड़ी उपलब्धि

मोहम्मद इकबाल उत्तर प्रदेश से भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित होने वाला दूसरा बड़ा नाम बन गया है। इससे पहले 30 अप्रैल 2025 को शाइन सिटी के राशिद नसीम को इस श्रेणी में डाला गया था। 2018 में कानून बनने के बाद से अब तक विजय माल्या और नीरव मोदी सहित देशभर में केवल 10 लोगों को ही ‘भगोड़ा आर्थिक अपराधी’ घोषित किया गया है।

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