फतेहपुर सड़क हादसा मामला: पुलिस जांच में बड़ा खुलासा, बाइक उधार लेने वाला ही निकला चालक
Fatehpur News: फतेहपुर जिले के थाना थरियांव क्षेत्र में सड़क दुर्घटना में हुई मौत के एक चर्चित मामले में पुलिस विवेचना के दौरान चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है।
जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि जिस मोटरसाइकिल चालक पर प्रारंभिक तौर पर दुर्घटना का आरोप लगाया गया था, वह वास्तव में मृतक नहीं था, बल्कि मृतक स्वयं उसी मोटरसाइकिल को उधार लेकर चला रहा था।
मामले में मृतक की पत्नी ने पहले दर्ज कराई गई शिकायत में आरोप लगाया था कि वह अपने पति के साथ पैदल जा रही थीं, तभी पीछे से आई एक मोटरसाइकिल ने टक्कर मार दी, जिससे उनके पति की मौत हो गई।
इसी आधार पर संबंधित मोटरसाइकिल और उसके चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
मामले की विवेचना उपनिरीक्षक सतीश कुमार द्वारा की गई। विवेचना के दौरान घटनास्थल का निरीक्षण, गवाहों के बयान, पंचायतनामा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों का गहन अध्ययन किया गया।
जांच में सामने आया कि मृतक ने मोटरसाइकिल संख्या UP71 BD 4035 उसके स्वामी से मांगकर ली थी और घटना के समय वही मोटरसाइकिल चला रहा था।
पुलिस जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि दुर्घटना किसी अन्य वाहन की टक्कर से नहीं, बल्कि मोटरसाइकिल के अनियंत्रित होकर गिरने के कारण हुई थी।
किसी अन्य वाहन द्वारा टक्कर मारे जाने का न तो कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य मिला और न ही कोई वैज्ञानिक प्रमाण सामने आया। इसके अलावा, शिकायत में किया गया यह दावा भी पुष्ट नहीं हो सका कि मृतक और उसकी पत्नी पैदल जा रहे थे।
इस प्रकरण में बजाज एलियांज जनरल इंश्योरेंस कंपनी की ओर से एसडीआरडी एसोसिएट्स के अन्वेषक मोहम्मद इमरान मिर्ज़ा ने स्वतंत्र जांच की।
यह जांच कंपनी के अधिकारियों अंकित सिंह और आशीष चंद्र शुक्ला के मार्गदर्शन में की गई, जिससे घटना से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट करने में सहायता मिली।
हालांकि, मामले में मुख्य और निर्णायक भूमिका थाना थरियांव पुलिस और विवेचक उपनिरीक्षक सतीश कुमार की रही, जिन्होंने सभी उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष और गहन जांच की।
विवेचना में शिकायत के आरोपों की पुष्टि न होने पर पुलिस ने न्यायालय में अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी है।
पुलिस जांच के निष्कर्षों ने प्रारंभिक शिकायत और वास्तविक घटनाक्रम के बीच महत्वपूर्ण अंतर को उजागर किया है। अब इस मामले में अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा लिया जाएगा।

