Azamgarh News: गैंगस्टर केसी राय का 10 करोड़ का आलीशान भवन कुर्क

Azamgarh News: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में संगठित अपराध और भूमाफियाओं के खिलाफ प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। कुख्यात अपराधी, गैंगस्टर और हिस्ट्रीशीटर कृष्णचन्द्र राय उर्फ केसी राय द्वारा अपराध के जरिए खड़ी की गई लगभग 10 करोड़ रुपये की बहुमंजिला अचल संपत्ति को न्यायालय के आदेश पर कुर्क कर लिया गया है। रविवार सुबह मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सत्यबीर सिंह के आदेश के तहत भारी पुलिस बल और राजस्व विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में ढोल-नगाड़े (डुगडुगी) बजवाकर इस आलीशान इमारत को कुर्क कर प्रशासनिक कब्जे में ले लिया गया। आरोपी केसी राय वर्तमान में जेल में बंद है और उसे प्रशासनिक आधार पर अंबेडकरनगर कारागार में शिफ्ट किया जा चुका है।

जरायम की दुनिया से खड़ा किया अवैध साम्राज्य

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, मूल रूप से थाना बरदह के मुहम्मदपुर फेटी का रहने वाला और वर्तमान में कोतवाली थाना क्षेत्र के कोडर अजमतपुर में रह रहा केसी राय एक शातिर हिस्ट्रीशीटर है, जिसके खिलाफ विभिन्न थानों में रंगदारी, ठगी, धोखाधड़ी और गैंगस्टर एक्ट समेत कुल 16 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। कोतवाली पुलिस की विवेचना में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि आरोपी ने आम जनता से ठगी, फर्जी खतौनी और कूटचरित (जाली) दस्तावेज तैयार कर अवैध रूप से भारी धन कमाया था। इसी काली कमाई के बूते उसने साल 2012 से ग्राम कोडर अजमतपुर में कीमती जमीनों की खरीद-फरोख्त शुरू की और वहां एक गगनचुंबी, आलीशान भवन का निर्माण कराया।

प्रशासनिक जांच में यह बात भी सामने आई है कि केसी राय का यह बहुमंजिला मकान जिले के अन्य अपराधियों के जमावड़े और बड़ी वारदातों की साजिश रचने का मुख्य केंद्र बना हुआ था। राजस्व और लोक निर्माण विभाग द्वारा संयुक्त रूप से किए गए सरकारी मूल्यांकन में इस आलीशान भवन की मौजूदा बाजार कीमत करीब 10 करोड़ रुपये आंकी गई है। अदालत ने माना कि अभियुक्त के पास इस आलीशान इमारत को बनाने का कोई भी वैध या कानूनी आय का स्रोत नहीं था, जिसके बाद इसकी कुर्की का अंतिम आदेश जारी किया गया।

पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने संभाली कमान

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के दिशा-निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक नगर मधुवन कुमार सिंह, क्षेत्राधिकारी नगर शुभम तोदी तथा विवेचक निरीक्षक रफी आलम के नेतृत्व में पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने इस पूरी विधिक प्रक्रिया को अंजाम दिया। अब इस पूरी संपत्ति को अग्रिम आदेशों तक तहसील प्रशासन के हवाले कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने साफ संदेश दिया है कि सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत अपराधियों और गैंगस्टरों के खिलाफ यह अभियान थमेगा नहीं और अपराध से अर्जित हर अवैध संपत्ति पर इसी तरह का कड़ा प्रहार जारी रहेगा।

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