Meerut News: सेंट्रल मार्केट के 815 भवन स्वामियों को नोटिस के साथ मिलेगा मूल नक्शा, 15 दिन में हटाना होगा अवैध निर्माण

Meerut News: उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद ने मेरठ के प्रसिद्ध सेंट्रल मार्केट मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अनुपालन कराने के लिए कमर कस ली है। अगले सप्ताह सोमवार या मंगलवार से परिषद द्वारा 815 भवन स्वामियों को नोटिस जारी किए जाएंगे। इस बार परिषद की रणनीति बदली हुई है। नोटिस के साथ व्यापारियों को उनके घर का मूल मानचित्र (नक्शा) और सुप्रीम कोर्ट के आदेश की कॉपी भी दी जाएगी। इसका उद्देश्य व्यापारियों को यह स्पष्ट करना है कि उनके वास्तविक नक्शे और वर्तमान निर्माण (अवैध सेटबैक) में कितना अंतर है।

15 दिन की मोहलत, खुद हटाना होगा अतिक्रमण

सुप्रीम कोर्ट के 9 अप्रैल के आदेशानुसार, 859 में से सील किए गए 44 भवनों को छोड़कर बाकी 815 भवनों के सेटबैक पर किए गए अवैध निर्माण को हटाना अनिवार्य है। व्यापारियों को नोटिस मिलने के बाद 15 दिन का समय दिया जाएगा। यदि इस अवधि में व्यापारी स्वयं निर्माण नहीं हटाते, तो परिषद तोड़फोड़ की कार्रवाई करेगा। परिषद द्वारा की गई कार्रवाई का पूरा खर्च भी व्यापारियों से वसूला जाएगा।

परिषद करेगा व्यापारियों की मदद

उप आवास आयुक्त अनिल कुमार सिंह के अनुसार, परिषद व्यापारियों को हर संभव सहायता देने को तैयार है। यदि व्यापारी स्वयं सेटबैक तोड़ना चाहते हैं, तो परिषद की टीम निशानदेही (Demarcation) करने में मदद करेगी ताकि भविष्य में कोई विवाद न रहे।

निर्धारित मानक: कितना छोड़ना होगा सेटबैक

व्यापारियों की सुविधा के लिए परिषद ने मानकों की सूची जारी की है।

1. आवासीय संपत्तियों के लिए

प्लॉट एरिया (वर्गमीटर) फ्रंट सेटबैक रियर (पीछे) सेटबैक
150 से कम 1 मीटर 0
150 से 300 3 मीटर 1.5 मीटर
300 से 500 3 मीटर 3 मीटर

2. व्यावसायिक संपत्तियों के लिए

प्लॉट एरिया (वर्गमीटर) फ्रंट सेटबैक रियर सेटबैक
100 से कम 1.5 मीटर 0
100 से 300 3 मीटर 0
300 से 1000 4.5 मीटर 3 मीटर

3. सड़क की चौड़ाई के आधार पर फ्रंट सेटबैक

12 से 18 मीटर सड़क: 3 मीटर सेटबैक

24 से 36 मीटर सड़क: 6 मीटर सेटबैक

45 मीटर से अधिक सड़क: 7.5 से 9 मीटर सेटबैक

प्रभावित भवनों का विवरण

सेंट्रल मार्केट के कुल 860 भवनों/प्लॉटों में से कार्रवाई का गणित इस प्रकार है।

कुल प्लॉट: 230

कुल निर्मित भवन: 630

कार्रवाई से बाहर: 44 सील किए गए भवन और 1 ध्वस्त कॉम्प्लेक्स।

नोटिस की जद में: 815 भवन।

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