Meta की बढ़ीं मुश्किलें! Instagram पर अश्लील कंटेंट को लेकर सरकार का बड़ा एक्शन

Sandesh Wahak Digital Desk: Instagram पर कथित अश्लील और बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेंट के प्रचार के आरोपों के बाद केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) को Meta से जवाब मांगने के निर्देश दिए हैं। सरकार अब कंपनी से पूछेगी कि ऐसे विज्ञापनों को प्लेटफॉर्म पर कैसे मंजूरी मिली और भविष्य में इन्हें रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।

सूत्रों के मुताबिक, मंत्रालय Meta से यह स्पष्ट करने को कहेगा कि आपत्तिजनक विज्ञापन प्लेटफॉर्म तक कैसे पहुंचे, उन्हें रोकने की मौजूदा व्यवस्था क्या है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या सुधार किए जाएंगे। फिलहाल इस मामले पर Meta की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

क्या है पूरा मामला?

मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि Instagram पर कुछ पेड विज्ञापनों के जरिए ऐसे अकाउंट और वेबसाइट्स का प्रचार किया जा रहा था, जो कथित तौर पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी अवैध सामग्री उपलब्ध करा रहे थे। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ विज्ञापनों के जरिए यूजर्स को टेलीग्राम चैनलों तक भी पहुंचाया जा रहा था, जहां ऐसी सामग्री बेचे जाने के आरोप लगाए गए हैं।

कानून क्या कहता है?

भारत में बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री का निर्माण, प्रसारण या प्रचार गंभीर अपराध है। आईटी एक्ट की धारा 67 और 67B, आईटी नियम 2021 और POCSO कानून के तहत ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की जिम्मेदारी है कि वे ऐसी गैरकानूनी सामग्री को समय रहते हटाएं।

सरकार का कहना है कि बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। हाल के महीनों में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर आपत्तिजनक कंटेंट को लेकर केंद्र लगातार सख्ती दिखा रहा है। इससे पहले WhatsApp के यूजरनेम फीचर को लेकर भी Meta से जवाब मांगा गया था।

अब सभी की नजर इस बात पर है कि Meta सरकार के सवालों का क्या जवाब देता है और अपनी विज्ञापन समीक्षा प्रणाली में क्या बदलाव करता है।

Also Read: ई-रिक्शा को रिमोट से बंद करने वाले चीनी ऐप BAT BMS को सरकार ने किया बैन, प्ले स्टोर से हटाने का आदेश

Get real time updates directly on you device, subscribe now.