संयुक्त राष्ट्र में भारत की पाकिस्तान को दोटूक, आतंकवाद बंद होने तक निलंबित रहेगी सिंधु जल संधि
Sandesh Wahak Digital Desk: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत ने पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए स्पष्ट किया है कि जब तक इस्लामाबाद सीमा पार आतंकवाद को अपनी राजकीय नीति बनाए रखेगा, तब तक सिंधु जल संधि निलंबित ही रहेगी। यूएन में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने कहा कि आतंक के माहौल में आपसी सहयोग और सद्भावना की उम्मीद नहीं की जा सकती। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान को दोहराया कि पानी और खून एक साथ नहीं बह सकते।
भारत ने याद दिलाया 1948 का यूएन प्रस्ताव
पाकिस्तान द्वारा सिंधु जल संधि को एकतरफा रोकने और जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाने पर भारतीय प्रतिनिधि ने करारा पलटवार किया। पी. हरीश ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जम्मू और कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग था, है और हमेशा रहेगा। उन्होंने कहा कि कश्मीर पर एकमात्र लंबित मुद्दा पाकिस्तान द्वारा भारत के संप्रभु क्षेत्र पर किया गया अवैध कब्जा है। इसके साथ ही उन्होंने 1948 के यूएन प्रस्ताव का हवाला देते हुए पाकिस्तान को तुरंत अपना अवैध कब्जा छोड़ने की सलाह दी।
पाक अधिकृत कश्मीर में मानवाधिकारों का हनन
भारतीय प्रतिनिधि ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में स्थानीय कश्मीरियों पर हो रहे अत्याचारों का मुद्दा भी उठाया। जून से अब तक पाक सुरक्षा बलों द्वारा 30 से अधिक प्रदर्शनकारियों की हत्या और 14 जुलाई को तरारखाल में हुई हिंसा का जिक्र करते हुए भारत ने कहा कि दूसरों पर उंगली उठाने के बजाय पाकिस्तान को अपने देश के हालात सुधारने पर ध्यान देना चाहिए।
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