त्योहार से पहले बड़ा एक्शन, नकली घी की फैक्ट्री सील, 7 हजार लीटर नकली दूध और 145 किलो खोया नष्ट
Food Adulteration in UP: रक्षाबंधन से पहले उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में मिलावटखोरों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग (Food Safety Department) ने कार्रवाई तेज कर दी है। संभल और आगरा में हुई कार्रवाई के दौरान नकली घी, संदिग्ध दूध और खोया पकड़ा गया।
संभल के चंदौसी में घी बनाने वाली एक यूनिट पर छापेमारी के दौरान रिफाइंड ऑयल, वनस्पति, एसेंस, रंग, अपमिश्रक और अज्ञात रसायन मिले। वहीं आगरा में करीब 7 हजार लीटर संदिग्ध दूध और 145 किलो खोया नष्ट कराया गया।
संभल में नकली घी की यूनिट सील
चंदौसी थाना क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) की टीम ने वृंदावन धाम नाम की घी निर्माण इकाई पर छापा मारा। जांच में घी के साथ रिफाइंड ऑयल, वनस्पति, एसेंस, रंग और कई तरह के अपमिश्रक मिले।
टीम ने मौके से 11 विधिक नमूने (Food Samples) लेकर जांच के लिए लैब भेजे। लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन मिलने पर यूनिट को सील कर दिया गया। हानिकारक रसायनों के इस्तेमाल के मामले में एफआईआर (FIR) दर्ज कराने के लिए पुलिस को तहरीर भी दी गई है।
आगरा में 7 हजार लीटर संदिग्ध दूध पकड़ा
आगरा में सैंया टोल प्लाजा के पास खाद्य सुरक्षा टीम ने एक वाहन को रोककर जांच की। वाहन में करीब 7,000 लीटर दूध मिला। चालक रामनिवास कुशवाह दूध से जुड़े लाइसेंस, बिल और टेस्टिंग रिपोर्ट नहीं दिखा सका। दूध के स्रोत और गंतव्य की भी स्पष्ट जानकारी नहीं मिली।
संदिग्ध पाए जाने पर करीब 7 हजार लीटर दूध नष्ट कराया गया, जिसकी कीमत लगभग 1.75 लाख रुपये बताई गई है।
अभियान के दौरान घेवर, मेवा बाटी, देशी घी, काजू कतली, पनीर, दही और खोया समेत कई खाद्य पदार्थों के 16 नमूने जांच के लिए भेजे गए। फतेहाबाद में 145 किलो खोया भी नष्ट कराया गया, जबकि 52 किलो अपमिश्रक सीज किया गया।
खाद्य विभाग (Food Safety Department) के मुताबिक, लैब रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 (Food Safety and Standards Act, 2006) के तहत आगे की कार्रवाई होगी। रक्षाबंधन को देखते हुए मिलावट के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
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