‘SIR से न योगी खुश, न अखिलेश!’ लखनऊ पहुंचे भूपेश बघेल का बड़ा हमला

Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आज राजनीतिक पारा उस वक्त चढ़ गया जब छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और दिग्गज कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों पर तीखा प्रहार किया। महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे बघेल ने ‘SIR’ (State Institutional Ranking) के मुद्दे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव, दोनों को एक ही कटघरे में खड़ा कर दिया।

SIR पर घेरा: “जब सत्ता और विपक्ष ही संतुष्ट नहीं, तो जनता क्या कहे?”

भूपेश बघेल ने मीडिया से बातचीत में ‘SIR’ प्रक्रिया पर चुटकी लेते हुए कहा कि इस व्यवस्था से न तो सीएम योगी खुश दिखाई दे रहे हैं और न ही अखिलेश यादव। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “जब सरकार के शीर्ष पदों पर बैठे लोग और मुख्य विपक्षी दल ही इस प्रक्रिया से संतुष्ट नहीं हैं, तो इसमें हमारे बताने के लिए कुछ शेष नहीं रह जाता।” उनके इस बयान को यूपी की प्रशासनिक और शैक्षिक रैंकिंग व्यवस्था पर बड़े सवाल के रूप में देखा जा रहा है।

ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती: कांग्रेस का ‘वैज्ञानिक जाति जनगणना’ दांव

लखनऊ में उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पिछड़ा वर्ग विभाग द्वारा आयोजित इस भव्य कार्यक्रम को कांग्रेस ‘वैज्ञानिक जाति जनगणना दिवस’ के रूप में मना रही है। बघेल ने ज्योतिबा फुले को नमन करते हुए कहा कि उन्होंने उस दौर में महिलाओं के लिए स्कूल खोले और स्त्री शिक्षा की अलख जगाई जब यह असंभव माना जाता था। पिछड़ा वर्ग अध्यक्ष मनोज यादव ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस इस मंच के जरिए जातिगत जनगणना को वैज्ञानिक तरीके से कराने की मांग को धार दे रही है।

ओबीसी चेहरों का जमावड़ा: मिशन 2027 की तैयारी?

कार्यक्रम में भूपेश बघेल के अलावा कांग्रेस पार्टी के कई बड़े ओबीसी चेहरे शामिल हुए। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि ज्योतिबा फुले की जयंती के बहाने कांग्रेस उत्तर प्रदेश में पिछड़ा वर्ग के वोट बैंक में सेंध लगाने और ‘जातिगत जनगणना’ के मुद्दे को चुनावी केंद्र बनाने की कोशिश कर रही है।

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