सिद्धार्थ विश्वविद्यालय: छात्राओं को मिला मानसिक मजबूती का मंत्र, विशेषज्ञों ने सिखाए तनाव मुक्ति के गुर
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशानुसार महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए संचालित ‘मिशन शक्ति अभियान 5.0’ के अंतर्गत सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो० कविता शाह के कुशल निर्देशन और नोडल अधिकारी प्रो० सुनीता त्रिपाठी के मार्गदर्शन में छात्राओं के लिए मानसिक स्वास्थ्य काउंसलिंग सत्र का सफल आयोजन किया गया।
ध्यान और डायरी लेखन से आएगी मानसिक सुदृढ़ता
मनोवैज्ञानिक प्रकोष्ठ के समन्वयक डॉ. हरेंद्र शर्मा ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज के दौर में शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक रूप से मजबूत होना अनिवार्य है। उन्होंने छात्राओं को ध्यान (मेडिटेशन), नियमित डायरी लेखन और अपनी भावनाओं को बिना किसी संकोच के अभिव्यक्त करने की सलाह दी। डॉ. शर्मा ने जोर देकर कहा कि बेहतर समय प्रबंधन और स्वस्थ दिनचर्या अपनाकर तनावपूर्ण चुनौतियों का सामना आसानी से किया जा सकता है।
काउंसलिंग सत्र: समस्याओं का व्यावहारिक समाधान
सत्र के दौरान काउंसलर डॉ. शिवानी थलिया ने छात्राओं के साथ सीधा संवाद किया। उन्होंने तनाव, चिंता और भावनात्मक असंतुलन जैसे विषयों पर छात्राओं की व्यक्तिगत समस्याओं को सुना और उनके व्यावहारिक समाधान बताए। उन्होंने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि आत्मविश्वास ही सफलता की पहली सीढ़ी है और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सजग रहकर ही इसे हासिल किया जा सकता है।
निरंतर जारी रहेंगे जागरूकता कार्यक्रम
कार्यक्रम का संचालन कर रही मनोवैज्ञानिक प्रकोष्ठ की सदस्य डॉ. सरिता सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में भी इस प्रकार के परामर्श सत्र निरंतर आयोजित किए जाएंगे, जिससे छात्राओं को मानसिक रूप से सशक्त बनाया जा सके। सत्र के अंत में छात्राओं ने विशेषज्ञों से अपनी शंकाओं और मानसिक चिंताओं से जुड़े प्रश्न पूछे, जिनका संतोषजनक समाधान किया गया।
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस आयोजन ने छात्राओं के बीच मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक सार्थक संदेश दिया है।
रिपोर्ट: जाकिर खान

