Siddharthnagar News: ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ से शुरू हुआ महिला सशक्तिकरण का नया युग
Siddharthnagar News: जनपद के कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के ऐतिहासिक महत्व को लेकर एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इस दौरान चिकित्सा, शिक्षा और कानून के क्षेत्र से जुड़ी प्रबुद्ध महिलाओं ने इस अधिनियम को भारतीय लोकतंत्र के लिए मील का पत्थर बताया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की।
“दशकों का इंतजार अब हुआ समाप्त”
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए डॉ. संध्या पाठक (स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ व प्रबंधक, पाठक हॉस्पिटल) ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। उन्होंने कहा, “आज नारी शक्ति को जो मिल रहा है, वह उनका हक था जो लंबे समय से रुका हुआ था। 21वीं सदी के इस सबसे बड़े निर्णय के साथ ही देश ने महिला सशक्तिकरण के एक नए युग में प्रवेश किया है।”

लोकतंत्र को मिलेगी और मजबूती
वीरेन्द्र मिथिलेश्वर महाविद्यालय की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सीमा मिश्रा ने कहा कि इस अधिनियम के माध्यम से नीतियों और फैसलों में महिलाओं की सीधी भागीदारी सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा, “दशकों का इंतज़ार अब समाप्त हुआ है। कल तक जो अधिकार आधी आबादी के लिए केवल एक सपना था, अब वह हकीकत बन चुका है। इससे भारतीय लोकतंत्र और अधिक समावेशी बनेगा।”
सुरक्षा और सम्मान की ‘मोदी गारंटी’
सिविल कोर्ट की अधिवक्ता श्रीमती पुष्पावती मिश्रा ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि 2014 से ही महिलाओं के सम्मान की चिंता की गई है।
प्रमुख योजनाएं: उन्होंने इज्जत घर (शौचालय), उज्ज्वला योजना के तहत फ्री गैस कनेक्शन, तीन तलाक से मुक्ति और प्रधानमंत्री आवास योजना में महिलाओं के नाम पर घरों का जिक्र किया।
हर घर जल: उन्होंने कहा कि घर-घर जल पहुँचाने जैसी योजनाओं ने महिलाओं के जीवन की कठिनाइयों को कम किया है।
मिस्ड कॉल देकर समर्थन की अपील
डॉ. संध्या पाठक, डॉ. सीमा मिश्रा और श्रीमती पुष्पावती मिश्रा ने संयुक्त रूप से जनपदवासियों से अपील की कि इस ऐतिहासिक निर्णय की जानकारी जन-जन तक पहुँचाएं। उन्होंने लोगों से 9667173333 पर मिस्ड कॉल देकर इस बिल के समर्थन में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
रिपोर्ट: जाकिर खान
Also Read: Lucknow News: मिल्ली फाउण्डेशन ने अधिवक्ताओं को ‘डॉ. अंबेडकर लॉ प्रोटेक्टर अवार्ड’ से नवाजा

