सिद्धार्थनगर वाटर टैंक लीकेज मामला, जल निगम ने कार्यदायी संस्था को ठहराया जिम्मेदार
Siddharthnagar News: उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जनपद के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बछड़ा-बछड़ी में नवनिर्मित ओवरहेड टैंक (पानी की टंकी) से हुए जल रिसाव के मामले में उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) ने स्थिति स्पष्ट की है। विभाग द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, बीते 21 जून, 2026 को नवनिर्मित पानी की टंकी का लाइनर अचानक फट गया था, जिसके कारण चारों तरफ पानी का भारी रिसाव होने लगा था। इस घटना के बाद स्थानीय स्तर पर निर्माण की गुणवत्ता को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे थे।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अगले ही दिन अधिशासी अभियंता, डीपीएम (टीपीआई) और सहायक अभियंता की एक उच्च-स्तरीय संयुक्त टीम ने प्रभावित स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि निर्माण करने वाली निजी फर्म ‘मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर’ द्वारा विभाग से बिना कोई पूर्व अनुमति लिए और किसी सरकारी प्रतिनिधि की उपस्थिति के बिना ही टैंक में पानी भरकर उसकी टेस्टिंग की जा रही थी। अधिकारियों ने इसे तय मानक प्रचालन प्रक्रिया का गंभीर उल्लंघन माना है।
कार्यदायी संस्था मेघा इंजीनियरिंग पर गिरेगी गाज, लखनऊ भेजी जाएगी रिपोर्ट
जल निगम ने निजी फर्म की इस घोर अनुशासनहीनता और लापरवाही को बेहद गंभीरता से लिया है। विभाग ने कार्यदायी संस्था को कड़े लहजे में हिदायत दी है कि भविष्य में बिना आरएफआई प्रक्रिया का पालन किए और बिना विभागीय पर्यवेक्षण के किसी भी तरह का कार्य या परीक्षण न किया जाए। इसके साथ ही, नियमों को ताक पर रखकर काम करने वाली इस फर्म के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन, लखनऊ को आधिकारिक संस्तुति (सिफारिश) भेजने की विधिक प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
ग्रामीणों के लिए डायरेक्ट पंपिंग से जलापूर्ति बहाल
टैंक में आई इस तकनीकी खराबी के बावजूद प्रशासन ने स्थानीय नागरिकों की सहूलियत का पूरा ध्यान रखा है। विभाग ने बताया कि ग्रामीणों को पीने के पानी की किल्लत न हो, इसके लिए बाधित हुई सप्लाई को तुरंत अल्टरनेटिव डायरेक्ट पंपिंग व्यवस्था के माध्यम से चालू कर दिया गया है। जल निगम सिद्धार्थनगर के अधिशासी अभियंता संजय कुमार जायसवाल ने आम जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं पर बिल्कुल भरोसा न करें तथा केवल विभाग द्वारा जारी आधिकारिक तथ्यों को ही सही मानें।
रिपोर्ट- जाकिर खान

