STF ने वन्यजीव तस्करी गैंग का किया भंडाफोड़, हाथी दांत और जबड़े के साथ 3 आरोपी गिरफ्तार
UP News: उत्तर प्रदेश में वन्यजीव तस्करी (Wildlife Trafficking) के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत STF को बड़ी सफलता मिली है। यूपी एसटीएफ और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई में प्रतिबंधित हाथी दांत और हाथी के जबड़े की अवैध खरीद-फरोख्त करने वाले तीन तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। बरामद सामग्री की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 20 लाख रुपये बताई जा रही है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रयागराज के रहने वाले अखिलेश कुमार शुक्ला, देवी शंकर यादव और रामधनी यादव के रूप में हुई है। STF ने इनके कब्जे से करीब 1.5 किलो हाथी दांत, 800 ग्राम हाथी का जबड़ा, तीन मोबाइल फोन और एक स्कूटी बरामद की है। यह कार्रवाई 9 जून को मिर्जापुर के जिगना थाना क्षेत्र में की गई।
मंदिर के पास दबोचे गए तस्कर
STF को लंबे समय से पूर्वी उत्तर प्रदेश में दुर्लभ वन्यजीवों और उनके अंगों की तस्करी करने वाले गिरोह के सक्रिय होने की सूचना मिल रही थी। इसी दौरान वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (WCCB) से इनपुट मिला कि कुछ तस्कर प्रतिबंधित हाथी दांत की डील के लिए मिर्जापुर पहुंचने वाले हैं। सूचना मिलते ही STF और वन विभाग की टीम ने संयुक्त ऑपरेशन चलाया और बाबा कामेश्वर नाथ मंदिर के पास तीनों आरोपियों को धर दबोचा।
पूछताछ में सामने आया कि हाथी दांत से महंगी मूर्तियां, आभूषण और सजावटी वस्तुएं बनाई जाती हैं, जिनकी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारी मांग रहती है। इसी मांग का फायदा उठाकर तस्कर वन्यजीवों के अंगों की अवैध तस्करी करते हैं। जांच में यह भी पता चला कि 5 जून को हाथी दांत और जबड़ा एक आरोपी द्वारा दूसरे के घर पर रखा गया था और ऊंची कीमत पर बेचने के लिए ग्राहकों की तलाश की जा रही थी।
गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस तस्करी नेटवर्क के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा इसका कनेक्शन किन राज्यों तक फैला हुआ है।
Also Read: Lucknow की युवती 21 दिन से लापता, परिवार का दावा- धर्म परिवर्तन के लिए सीरिया ले गया युवक

