Health Tips: धूप से शरीर के हार्मोन हो सकते हैं संतुलित, थायरॉइड पर भी दिख सकता है असर
Health Tips: आधुनिक जीवनशैली में अधिकतर लोग धूप से बचने लगे हैं। त्वचा को यूवी किरणों से सुरक्षित रखने के लिए लोग सूर्य की रोशनी में कम निकलते हैं। लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार, इससे शरीर में विटामिन D की कमी का खतरा बढ़ जाता है, जो हार्मोनल बैलेंस, मानसिक स्वास्थ्य और मेटाबॉलिज्म पर असर डाल सकती है।
विटामिन D और हार्मोनल सिस्टम का संबंध
वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार जब त्वचा सूर्य की UVB किरणों के संपर्क में आती है, तो शरीर विटामिन D बनाता है। यह विटामिन एक हार्मोन की तरह काम करता है और शरीर के कई सिस्टम को प्रभावित करता है। एनसीबीआई (NCBI) की स्टडी के मुताबिक, यह इंसुलिन, पैराथायरॉइड हार्मोन, टेस्टोस्टेरोन और इम्यून सिस्टम से जुड़े कार्यों में मदद करता है। इसकी कमी से थकान, कमजोर इम्युनिटी और हार्मोनल असंतुलन जैसी समस्याएं देखी जा सकती हैं।
थायरॉइड, टेस्टोस्टेरोन और महिला हार्मोन पर असर
थायरॉइड ग्रंथि शरीर के मेटाबॉलिज्म और एनर्जी को नियंत्रित करती है। स्टडी में पाया गया है कि विटामिन D की कमी और थायरॉइड समस्याओं के बीच संबंध हो सकता है, खासकर ऑटोइम्यून बीमारी में (Hashimoto’s Thyroiditis)।
वहीं टेस्टोस्टेरोन स्तर भी विटामिन D से जुड़ा माना गया है। जिन लोगों में विटामिन D बेहतर होता है, उनमें टेस्टोस्टेरोन स्तर भी बेहतर हो सकता है। महिलाओं में विटामिन D की कमी को PCOS और अनियमित पीरियड्स जैसी समस्याओं से भी जोड़ा गया है।

धूप से सेरोटोनिन और नींद में सुधार
धूप मस्तिष्क में सेरोटोनिन हार्मोन बढ़ाने में मदद करती है, जो मूड और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है। इसकी कमी से उदासी और Seasonal Affective Disorder (SAD) जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसके अलावा सूर्य की रोशनी शरीर की सर्केडियन रिद्म को भी संतुलित करती है, जिससे नींद की गुणवत्ता बेहतर होती है।

