TMC में बगावत का बड़ा धमाका! ममता बनर्जी चेयरमैन पद से हटाई गईं, अभिषेक बनर्जी भी सस्पेंड

West Bengal Politics: पश्चिम बंगाल की राजनीति में सोमवार को उस समय बड़ा राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया, जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी गुट ने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ खुली बगावत का ऐलान कर दिया। न्यू टाउन में आयोजित एक बैठक में बागी नेताओं ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पार्टी के चेयरमैन पद से हटाने और सांसद अभिषेक बनर्जी को ऑल इंडिया जनरल सेक्रेटरी पद से सस्पेंड करने का फैसला लेने का दावा किया।

बताया जा रहा है कि विधानसभा के बजट सत्र के बाद न्यू टाउन के एक होटल में बंद कमरे में यह अहम बैठक हुई, जिसमें करीब 60 विधायक, 70 पूर्व पार्षद और पार्टी से जुड़े कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। बैठक के दौरान बागी नेताओं ने एक नई नेशनल वर्किंग कमेटी के गठन का भी ऐलान किया।

अरूप रॉय को सौंपी नई कमेटी की कमान

बैठक में हावड़ा सेंट्रल से विधायक और पूर्व मंत्री अरूप रॉय को नई नेशनल वर्किंग कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। वहीं संदीपन साहा, जावेद खान और रिताब्रता बनर्जी को राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी दी गई।

इसके अलावा फिरहाद हकीम, अरूप बिस्वास और रथिन घोष को उपाध्यक्ष बनाया गया है। बागी गुट का दावा है कि पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में बड़े बदलाव की जरूरत है और इसी उद्देश्य से नई टीम का गठन किया गया है।

बैठक में जुटे कई बड़े चेहरे

सूत्रों के मुताबिक बैठक में पूर्व मंत्री जावेद खान, विधायक अरूप रॉय और कोलकाता नगर निगम के कई पार्षद मौजूद रहे। खास बात यह रही कि कार्यक्रम स्थल पर TMC का नाम और चुनाव चिन्ह तो मौजूद था, लेकिन ममता बनर्जी की तस्वीरें नहीं लगाई गई थीं।

बागी गुट का दावा है कि बैठक में राज्यभर के 16 जिलाध्यक्ष, पूर्व विधायक, पार्षद और कई प्रभावशाली नेता शामिल हुए। कुल मिलाकर करीब 500 नेताओं की मौजूदगी का दावा किया गया है।

सूत्रों के अनुसार, नई कमेटी बनाने के बाद बागी गुट अब पार्टी के बैंक खातों और संगठनात्मक अधिकारों को लेकर भी कानूनी लड़ाई की तैयारी कर रहा है। बैठक में इस संबंध में जल्द कानूनी कदम उठाने के संकेत दिए गए।

बागी गुट के इस फैसले ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। हालांकि ममता बनर्जी या आधिकारिक TMC नेतृत्व की ओर से इस पूरे घटनाक्रम पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन इस घटनाक्रम ने साफ कर दिया है कि पार्टी के भीतर असंतोष अब खुलकर सामने आने लगा है।

बागी गुट के 5 बड़े फैसले

  1. ममता बनर्जी को चेयरमैन पद से हटाने का दावा
  2. अभिषेक बनर्जी को ऑल इंडिया जनरल सेक्रेटरी पद से सस्पेंड किया
  3. 30 सदस्यीय नई कमेटी के गठन का ऐलान
  4. अरूप रॉय को नई नेशनल वर्किंग कमेटी का अध्यक्ष बनाया
  5. पार्टी के बैंक खातों और संगठनात्मक अधिकारों को लेकर कानूनी कार्रवाई की तैयारी

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