लुधियाना में पाना-चाबी बनाने वाली फैक्ट्री में जहरीली गैस का रिसाव, पिता-पुत्र समेत तीन मजदूरों की मौत
Sandesh Wahak Digital Desk: पंजाब के औद्योगिक शहर लुधियाना में सोमवार की सुबह एक भीषण और दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहाँ पाना-चाबी का निर्माण करने वाली एक प्रमुख फैक्ट्री में अचानक हुए जहरीले गैस रिसाव के कारण हड़कंप मच गया। इस जानलेवा गैस की चपेट में आने से दम घुटने के कारण एक पिता-पुत्र समेत तीन बेकसूर मजदूरों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं, फैक्ट्री में काम कर रहे कई अन्य कर्मचारी इस गैस से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं, जिन्हें गंभीर हालत में शहर के विभिन्न अस्पतालों में वेंटिलेटर और आईसीयू सपोर्ट पर रखा गया है।
दिल दहला देने वाले इस हादसे में जान गंवाने वालों की शिनाख्त मान सिंह, उनके बेटे अमित और एक अन्य श्रमिक श्रीराम के रूप में हुई है। चश्मदीदों के मुताबिक, सोमवार की सुबह रोजाना की तरह फैक्ट्री में काम सुचारू रूप से शुरू हुआ था। अचानक किसी गैस सिलेंडर या सप्लाई पाइपलाइन से तीखी और जहरीली गैस लीक होने लगी। देखते ही देखते चंद मिनटों के भीतर इस जहरीले धुएं ने पूरे कारखाने को अपनी चपेट में ले लिया। हवा में जहर घुलते ही वहां मौजूद कर्मचारियों का दम घुटने लगा, आंखों में असहनीय जलन होने लगी और सांसें थमने लगीं, जिससे पूरी फैक्ट्री में चीख-पुकार और भगदड़ मच गई।
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— नोएडा एक्सटेंशन की आवाज़ (@Sandeep01814044) June 1, 2026
बेहोश होकर जमीन पर गिरे मजदूर
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि गैस का असर इतना तीव्र और घातक था कि जो मजदूर बाहर भागने की कोशिश कर रहे थे, वे दरवाजे तक पहुंचने से पहले ही बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े। घटना की भयावहता को देखते हुए आनन-फानन में स्थानीय पुलिस, प्रशासन और विशेष रेस्क्यू टीम ने मोर्चा संभाला। बचाव दल ने ऑक्सीजन मास्क और सुरक्षा उपकरणों की मदद से अंदर फंसे श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाला और एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल भिजवाया। हालांकि, अस्पताल पहुंचने से पहले ही मान सिंह, अमित और श्रीराम की सांसें थम चुकी थीं और डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे की खबर मिलते ही मृतकों के घरों में कोहराम मच गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए कैंसर अस्पताल के शवगृह (मोर्चरी) में सुरक्षित रखवा दिया है। इस बड़े हादसे के बाद औद्योगिक इकाइयों में लेबर सेफ्टी और सुरक्षा ऑडिट को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय श्रमिक संगठनों ने प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि फॉरेंसिक और तकनीकी टीमों की जांच रिपोर्ट आने के बाद यह साफ हो पाएगा कि रिसाव की असली वजह क्या थी। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

