यूपी में दागी कर्मचारियों की अब खैर नहीं! विभागीय जांच और सतर्कता जांच का ब्योरा होगा ऑनलाइन
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने राज्य कर्मचारियों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए एक और बड़ा कदम उठाया है। अब प्रदेश के उन सभी कर्मचारियों का विवरण मानव संपदा पोर्टल पर सार्वजनिक (ऑनलाइन) होगा, जिनके खिलाफ किसी भी प्रकार की विभागीय या सतर्कता (Vigilance) जांच चल रही है। प्रमुख सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक, एम. देवराज ने इस संबंध में विस्तृत शासनादेश जारी कर दिया है।
पोर्टल पर ‘हां’ या ‘नहीं’ से खुलेगा राज
नए आदेश के मुताबिक, अब कर्मचारियों की डिजिटल सर्विस बुक में उनकी ईमानदारी और आचरण का स्पष्ट ब्योरा दर्ज होगा। पोर्टल के सभी ‘ऑफिस एडमिन’ को अपनी आईडी के माध्यम से रिपोर्टिंग में कार्यरत सभी कार्मिकों की जानकारी अपडेट करनी होगी। जिन कार्मिकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई या सतर्कता जांच लंबित है, उनके प्रोफाइल में संबंधित कॉलम में ‘हां’ दर्ज किया जाएगा। जिनके खिलाफ कोई भी जांच नहीं चल रही है, उनके फॉर्म के आगे ‘नहीं’ लिखा जाना अनिवार्य है।
सर्विस बुक में दर्ज होगी ‘सतर्कता जांच’
प्रमुख सचिव ने स्पष्ट किया है कि विभागीय कार्रवाई और सतर्कता जांच की जानकारी केवल पोर्टल के होमपेज तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसे संबंधित कर्मचारी की ऑनलाइन सर्विस बुक में भी दर्ज किया जाएगा। इसके लिए विभागीय अधिकारियों को एक विशेष प्रारूप (Format) भी भेजा गया है।
कैसे काम करेगी नई व्यवस्था?
प्रदेश के सभी रिपोर्टिंग कार्यालयों के नोडल अधिकारी ‘ऑफिस एडमिन आईडी’ के माध्यम से मानव संपदा पोर्टल पर लॉगिन करेंगे। एडमिन विभागीय कार्रवाई से संबंधित वर्तमान स्थिति को यूजर लॉगिन विंडो में जाकर अपडेट करेंगे। शासनादेश में सभी संबंधित अधिकारियों को इस व्यवस्था का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।
पारदर्शिता की ओर बड़ा कदम
माना जा रहा है कि इस व्यवस्था के लागू होने से पदोन्नति (Promotion), स्थानांतरण (Transfer) और सेवानिवृत्ति के समय होने वाली विधिक अड़चनों को दूर करने में मदद मिलेगी। साथ ही, जिन कर्मचारियों के खिलाफ जांच चल रही है, वे अपनी जानकारी छिपाकर लाभ नहीं ले पाएंगे।

