Bahraich: केमिकल युक्त पानी से तालाब की मछलियों की मौत, पारले शुगर फैक्ट्री पर गंभीर आरोप
Sandesh Wahak Digital Desk: बहराइच जिले के गजाधरपुर परसेंडी के चौधरी पुरवा निवासी किसान पर दुखों का पहाड़ तब टूट पड़ा जब उनके पट्टे के तालाब में पल रही मछलियां अचानक मरने लगीं। देखते ही देखते तालाब के चारों ओर मृत मछलियों की लाइन लग गई।
ग्रामीणों का आरोप है कि यह त्रासदी पारले शुगर फैक्ट्री के डिस्लेरी विभाग द्वारा नहर में छोड़े गए केमिकल युक्त पानी के कारण हुई। तालाब से जुड़ी नहर के जरिए जहरीला पानी तालाब में पहुंचा, जिससे लगभग 5 से 10 कुंटल मछलियां मर गईं।
ग्रामीणों ने बताया कि पारले शुगर फैक्ट्री के बगल से ही गुजरने वाली नहर में डिस्लेरी विभाग का पानी छोड़ दिया जाता है। आगे जाकर ओवरफलु बांध नहर और तालाब से जुड़ा हुआ है। नहर के नीचे से लीकेज हुआ पानी और तालाब में भर गया। जिसके कारण भारी संख्या में लगभग पांच से दस कुंटल मछलियों की मौत हो गई।

एक तो यह पूरा क्षेत्र पारले फैक्ट्री के द्वारा उड़ने वाली राख से परेशान था। तो दूसरी तरफ जल की रानी कही जाने वाली मछलियां तड़प तड़प कर मरने लगी। जिसकी शिकायत किसान पवन कुमार ने उप जिला अधिकारी कैसरगंज तथा मिल प्रबंधन को लिखित शिकायती पत्र दिया लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। ऐसे में आहट किसान किससे करें फरियाद किसान लगा रहा अधिकारियों के दरवाजे के चक्कर।
प्रदूषित जल से हो रहे बीमार
पारले शुगर फैक्ट्री के द्वारा छोड़े जाने वाले केमिकल युक्त पानी के कारण झिंगरी नाले व सरयू नदी की मछलियां इसी तरह से तड़प तड़प कर मर जाती हैं। आसपास के ग्रामीणों ने बताया कि पारले फैक्ट्री के तरफ से इसी तरीके से लापरवाही के कारण पशुओं को भी नुकसान उठाना पड़ता है। हम लोग अपने पशुओं की देखभाल करते हैं कि भूल वश इस नहर में या नाले में पानी पी ले तो वह पशु बीमार हो जाते हैं और मौत हो जाती है।
आखिर क्षेत्र के ग्रामीण लोग कब तक ऐसे नुकसान उठाते रहेंगे यह एक बड़ा सवाल है। जिस तरीके से तालाब में मछलियों की मौत हुई है मछली पलक किसान काफी सदमे में है क्योंकि अपनी गाढी कमाई इसी तालाब में मछली पालन के लिए लगाया था जो पूरी तरीके से डूब गई है।
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