मुरादाबाद में दलित किशोरी से दो माह तक गैंगरेप, टैटू जलाया, मुख्य आरोपी गिरफ्तार
Sandesh Wahak Digital Desk: यूपी के मुरादाबाद के भगतपुर क्षेत्र में एक चौदह वर्षीय दलित बालिका के साथ दो माह तक चले कथित सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी, सलमान को हिरासत में ले लिया है। जबकि उसके परिवार ने इन आरोपों को आधारहीन बताया है। पुलिस बाकी तीन आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
पीड़ित परिवार ने लगाए गंभीर आरोप
पीड़ित परिवार के अनुसार, सलमान, जुबैर, राशिद और आरिफ नामक चार युवकों ने किशोरी को दो महीने तक बंधक बनाकर रखा और उसके साथ लगातार दुष्कर्म किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आरोपियों ने बालिका के हाथ पर बना ‘ॐ’ के टैटू को जला दिया और उसे जबरन मांस खिलाया। परिवार का कहना है कि उन्होंने तीन जनवरी को गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन उन्हें पुलिस से ज्यादा सहायता नहीं मिली।
आरोपी के परिजनों ने कही ये बात
तो वहीं दूसरी ओर हिरासत में लिए गए आरोपी, सलमान के चाचा ने दावा किया कि उनके बेटे को पुराने विवाद की वजह से फंसाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि दो साल पहले होली के समय सलमान की गाड़ी से एक दुर्घटना हुई थी, जिसमें चार लोग आहत हुए थे। तभी से उनका पीड़ित परिवार से मतभेद चल रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि सलमान पिछले दो महीनों से घर पर ही था।
हालांकि भगतपुर पुलिस इस मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है। पुलिस ने साफ कर दिया है कि सलमान के खिलाफ कानूनी कार्यवाही जारी है और उसके परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों की भी निष्पक्ष जांच की जाएगी। पुलिस ने यह भी आश्वासन दिया है कि शेष तीनों आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
उत्तर प्रदेश में दलितों पर अत्याचार चरम पर हैं, लेकिन भाजपा की डबल इंजन वाली मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी की सरकार तमाशबीन बनी हुई है।
मुरादाबाद में 14 वर्षीय दलित नाबालिग बच्ची का अपहरण कर दो महीने तक गैंगरेप किया गया, जबरन बीफ खिलाया गया और उसके हाथ पर बने टैटू को तेजाब से…
— Chandra Shekhar Aazad (@BhimArmyChief) March 6, 2025
तो वहीं अब इस मामले को लेकर आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के मुखिया, चंद्रशेखर आजाद ने राज्य सरकार की आलोचना की है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि उत्तर प्रदेश में दलितों पर अत्याचार चरम पर हैं, और सरकार मूकदर्शक बनी हुई है। उन्होंने दोषियों की त्वरित गिरफ्तारी और फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमे की मांग की है। उन्होंने पीड़ित और उसके परिवार के लिए सुरक्षा और पचास लाख रुपये के मुआवजे की भी मांग की है।

