‘भाजपा सरकार पुलिस से करवा रही है गलत काम’, नागपुर हिंसा पर सपा-बसपा का हमला
Sandesh Wahak Digital Desk: नागपुर में औरंगजेब के नाम पर हुई हिंसा को लेकर उत्तर प्रदेश में सियासत गर्म हो गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की सुप्रीमो मायावती ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। दोनों नेताओं ने सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
अखिलेश यादव का भाजपा पर हमला
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार अपनी विफलता छिपाने के लिए संभल और औरंगजेब जैसे मुद्दे उछाल रही है। उन्होंने प्रदेश में बढ़ते अपराधों का जिक्र करते हुए कहा, “प्रदेश में हत्या, लूट और अपराध चरम पर हैं। सत्ता के संरक्षण में दबंगों, अराजक तत्वों और अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।”
अखिलेश यादव ने कई घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि शाहजहांपुर में पुलिस को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया। बरेली में डीएसपी के घर और गाड़ी को आग के हवाले कर दिया गया। उन्नाव में एक युवक की हत्या कर दी गई। जेल प्रशासन में भी अधिकारियों के बीच टकराव बढ़ रहा है और उनकी शिकायतों की कोई सुनवाई नहीं हो रही।
उन्होंने सरकार पर पुलिस के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा, “भाजपा सरकार पुलिस से गलत काम करवा रही है। उपचुनाव में भाजपा ने पुलिस के जरिए बूथों को लूटा है और राजनीतिक लाभ के लिए पुलिस का इस्तेमाल कर रही है।”
मायावती की कड़ी चेतावनी
बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी नागपुर में हुई हिंसा पर सरकार को घेरा और अराजक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा, “अगर सरकार ने हिंसा फैलाने वाले तत्वों पर कठोर कदम नहीं उठाए, तो हालात और बिगड़ सकते हैं।”
मायावती ने महाराष्ट्र में हुई घटनाओं को लेकर कहा कि किसी की कब्र या मजार को क्षति पहुंचाना और तोड़ना उचित नहीं है। इससे वहां आपसी भाईचारा, शांति और सौहार्द बिगड़ रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए कठोर कदम उठाए जाएं।
राजनीतिक सरगर्मी तेज
नागपुर में हुई हिंसा को लेकर विपक्षी दलों ने भाजपा सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। सपा और बसपा के तीखे बयानों के बाद अब यह देखना होगा कि भाजपा सरकार इस पर क्या प्रतिक्रिया देती है और क्या कदम उठाती है। विपक्ष लगातार यह आरोप लगा रहा है कि सरकार चुनावी फायदे के लिए सांप्रदायिक मुद्दों को हवा दे रही है, जबकि प्रदेश में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।
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