‘रक्षा अभियानों के सीधे प्रसारण की अनुमति क्या रणनीतिक लापरवाही’, अखिलेश यादव ने क्यों कही ये बात?
Sandesh Wahak Digital Desk: रक्षा अभियानों का सीधा प्रसारण (लाइव कवरेज) करने से बचने के लिए मीडिया को केंद्र सरकार की ओर से परामर्श जारी किए जाने के एक दिन बाद रविवार को समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सवाल उठाया कि क्या लाइव कवरेज की अनुमति देना एक रणनीतिक लापरवाही थी।
केंद्र सरकार ने शनिवार को मीडिया से रक्षा अभियानों और सुरक्षा बलों की गतिविधियों का सीधा प्रसारण करने से बचने का परामर्श जारी करते हुए कहा कि इस तरह की सूचना देने से जाने-अनजाने में शत्रुतापूर्ण तत्वों को मदद मिल सकती है।
सुरक्षा के दृष्टिकोण से स्पेशल ऑपरेशन्स की लाइव कवरेज की अनुमति क्या एक रणनीतिक लापरवाही थी या फिर ये राजनीतिक प्रचार से प्रेरित थी, ये बात सरकार तत्काल स्पष्ट करे। कल को फिर से सरकार ये कहेगी कि ‘एक चूक के बाद ये दूसरी चूक’ हो गयी।
इसका मतलब साफ़ है कि सुरक्षा जैसे अति…
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) April 27, 2025
सपा प्रमुख यादव ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा सुरक्षा के दृष्टिकोण से ‘स्पेशल ऑपरेशन्स’ की लाइव कवरेज की अनुमति क्या एक रणनीतिक लापरवाही थी या फिर ये राजनीतिक प्रचार से प्रेरित थी, ये बात सरकार तत्काल स्पष्ट करे। कल को फिर से सरकार ये कहेगी कि ‘एक चूक के बाद ये दूसरी चूक’ हो गयी।
संवेदनशील क्षेत्र में मीडिया का अवांछित अतिक्रमण
अखिलेश यादव ने कहा इसका मतलब साफ है कि सुरक्षा जैसे अति संवेदनशील क्षेत्र में मीडिया का अवांछित अतिक्रमण है। उन्होंने कहा लाइव कवरेज तो दुश्मन भी देखेंगे। जिससे हमारे सुरक्षा बलों की ‘लोकेशन’ उनको पता चल जाएगी और रणनीति भी, जिससे देश की सुरक्षा और हमारे जवानों की जान भी खतरे में डाल दी जाएगी।
सपा प्रमुख ने कहा इस तरह की लाइव कवरेज के लिए सख्त दंडात्मक कार्रवाई हो। देश और सैनिकों की सुरक्षा से कोई भी समझौता माफी के योग्य नहीं है।
आतंकवादियों ने मंगलवार को दक्षिण कश्मीर के प्रमुख पर्यटन स्थल पहलगाम में पर्यटकों पर गोलीबारी की थी, जिसमें 26 लोगों की मौत हो गई थी जिनमें ज्यादातर पर्यटक शामिल थे। हमले के बाद रक्षा मामलों पर रिपोर्टिंग के मद्देनजर सरकार ने परामर्श जारी किया है।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की ओर से जारी परामर्श में कहा गया राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में, सभी मीडिया मंचों, समाचार एजेंसियों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे रक्षा और अन्य सुरक्षा-संबंधी अभियानों से संबंधित मामलों पर रिपोर्टिंग करते समय पूरी जिम्मेदारी से काम लें और मौजूदा कानूनों और नियमों का कड़ाई से पालन करें।
Also Read: यूपी-नेपाल बॉर्डर पर जांच बढ़ाने के निर्देश, डीजीपी प्रशांत कुमार ने कहा- चप्पे-चप्पे पर तैनात रहे…

