Air India: एअर इंडिया की दिल्ली-बाली फ्लाइट लौटी वापस, इस वजह से लिया गया फैसला

Sandesh Wahak Digital Desk: 18 जून 2025 को दिल्ली से इंडोनेशिया के लोकप्रिय पर्यटन स्थल बाली के लिए रवाना हुई एअर इंडिया की उड़ान संख्या AI2145 को बीच रास्ते से ही वापस दिल्ली लौटना पड़ा। इसकी वजह बाली एयरपोर्ट के समीप ज्वालामुखी विस्फोट और उससे उत्पन्न गंभीर सुरक्षा खतरा रही। एयर इंडिया ने बताया कि विमान को पूरी सावधानी के साथ दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतार लिया गया और सभी यात्री सुरक्षित हैं।

एअर इंडिया के प्रवक्ता ने कहा कि “बाली के पास ज्वालामुखी सक्रिय होने की सूचना मिलने पर उड़ान संख्या AI2145 को एहतियातन दिल्ली वापस बुला लिया गया। यात्रियों को सुरक्षित उतार लिया गया है। हमें हुई असुविधा पर खेद है। यात्रियों को होटल में ठहरने की सुविधा, और चाहें तो टिकट रद्द, रीशेड्यूल या रिफंड की सुविधा दी जा रही है।”

इंडोनेशिया के माउंट लेवोटोबी में जोरदार विस्फोट, राख 10,000 मीटर तक पहुंची

इस प्राकृतिक आपदा की जड़ पूर्वी नुसा तेंगारा प्रांत का सक्रिय ज्वालामुखी माउंट लेवोटोबी लाकी लाकी रहा, जो 18 जून से एक दिन पहले, यानी 17 जून की शाम को अचानक फट पड़ा। इसके विस्फोट से उत्पन्न राख का घना गुबार 10,000 मीटर (लगभग 32,800 फीट) तक आसमान में फैल गया। इसकी भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यह 150 किलोमीटर दूर से भी देखा गया। इसी कारण, बाली के नगुराह राय अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर विमानों की आवाजाही पर रोक लगानी पड़ी।

इस स्थिति में न सिर्फ एअर इंडिया, बल्कि वर्जिन ऑस्ट्रेलिया, जेटस्टार, एयर न्यूजीलैंड, सिंगापुर की टाइगरएयर, चीन की जुनेयाओ एयरलाइंस आदि ने भी अपनी उड़ानों को या तो रद्द कर दिया या फिर उनके मार्ग परिवर्तित किए।

एअर इंडिया की अन्य अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भी असर, सात उड़ानें रद्द, 13 पर सीधा प्रभाव

बाली फ्लाइट की वापसी से पहले 17 जून को एअर इंडिया ने तकनीकी समस्याएं, बढ़ी सुरक्षा जांच, और विमान की अनुपलब्धता जैसे कारणों से 7 अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को रद्द किया था। इनमें से 6 की वापसी की उड़ानें भी रद्द की गईं, जिससे कुल 13 उड़ानें प्रभावित हुईं। सभी उड़ानें बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान से थीं।

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के अनुसार 17 जून तक के 6 दिनों में (12 से 17 जून) एअर इंडिया ने 248 ड्रीमलाइनर उड़ानों में से 66 को रद्द किया। इस दौरान कुल 462 चौड़ी बॉडी विमान उड़ानों में से 83 उड़ानों को रद्द करना पड़ा।

इनमें प्रमुख रद्द उड़ानें निम्नलिखित हैं

  • अहमदाबाद-लंदन
  • लंदन-अमृतसर
  • दिल्ली-दुबई
  • बंगलूरू-लंदन
  • दिल्ली-वियना
  • दिल्ली-पेरिस

इसके अलावा सैन फ्रांसिस्को से मुंबई आ रही फ्लाइट को तकनीकी खराबी के कारण कोलकाता में उतारना पड़ा, और उसकी आगे की यात्रा रद्द कर दी गई। एआई-170 (गैटविक-लंदन से अमृतसर) की फ्लाइट को भी 17 जून को रद्द कर दिया गया। लखनऊ-मुंबई फ्लाइट भी रद्द, यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था का आश्वासन

एअर इंडिया ने यह भी जानकारी दी कि उसने लखनऊ-मुंबई उड़ान AI2491, जो 17 जून को प्रस्तावित थी, को भी ऑपरेशनल कारणों और उड़ान मार्ग परिवर्तन की वजह से रद्द कर दिया है।

प्रवक्ता ने बताया दिल्ली में हुई भारी बारिश के कारण अन्य उड़ानों के डायवर्ट और देरी से पहुंचने की वजह से फ्लाइट क्रू की ड्यूटी समय सीमा पार हो गई, जिससे उड़ान को रद्द करना पड़ा। यात्रियों को लखनऊ पहुंचाने के लिए वैकल्पिक इंतजाम किए जा रहे हैं।

एअर इंडिया के यात्रियों को इन घटनाओं के चलते जहां असुविधा का सामना करना पड़ा, वहीं एयरलाइन ने भी सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए त्वरित और सावधानीपूर्वक निर्णय लिए। ज्वालामुखी विस्फोट जैसी अप्रत्याशित प्राकृतिक आपदा से निपटना एयरलाइन इंडस्ट्री के लिए बड़ी चुनौती होती है, लेकिन एयर इंडिया की त्वरित प्रतिक्रिया ने यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की।

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