UP News: संपत्तियां खरीद कर नए ट्रेंड से कमाई को सफेद बना रहे आईएएस अफसर

आंखे मूंदे हैं यूपी में मनी लॉन्ड्रिंग और बेनामी संपत्तियों की जांच का जिम्मा संभाले आयकर विभाग और ईडी के जिम्मेदार

Sandesh Wahak Digital Desk/Manish Srivastava: यूपी में आईएएस अफसरों की परदे के पीछे से सम्पत्तियां लगातार बढ़ रही हैं। खासतौर से उन आईएएस की, जिन्हें सेवा में आये चंद वर्ष हुए हैं। फिर भी सम्पत्ति के ब्योरे की जांच नहीं की जा रही है।

 

आईएएस नए ट्रेंड के तहत आर्थिक हैसियत बढ़ा रहे हैं। कमाई को सफेद करने में भी उनका कोई सानी इसलिए नहीं है क्योंकि आयकर-ईडी के अफसर सुप्तप्राय अवस्था में हैं। उदाहरण के तौर पर सेवा में एक दशक गुजार चुके एक आईएएस वर्तमान में प्रमुख जिले के डीएम हैं। आईएएस सेवा में आने के दौरान इनके पास नौ सम्पत्तियां थीं। जिनसे कमाई नहीं हो रही थी। चंद वर्षों में सम्पत्तियों से कमाई शुरू हुई। 2020 में सात सम्पत्तियों से सालाना कमाई, जो साढ़े तीन लाख ही थी। 2025 में आठ सम्पत्तियां होते ही सालाना करीब साढ़े नौ लाख पहुंच गयी। एक आईएएस दम्पत्ति भी चर्चा में है। सेवा में इन्हें एक दशक हो चुका है।

सम्पत्तियों से सालाना दिखा रहे लाखों की कमाई

उक्त महिला अफसर जब आईएएस बनी तो एक सम्पत्ति नहीं थी। नौकरी के करीब एक दशक के बाद 2021 में सुल्तानपुर रोड स्थित अंसल की घोटाला टाउनशिप में दागी बिल्डर से करीब पौने दो करोड़ का विला लिया। 2022 में इस सम्पत्ति से सालाना 18 लाख की आमदनी भी होने लगी। वर्ष 2024 में महिला आईएएस ने 48 लाख से ऊपर का प्लॉट भी अंसल से इसी टाउनशिप में खरीद डाला। आईएएस पति की भी चार सम्पत्तियां हैं। करीब साढ़े चार लाख सालाना कमाई भी हो रही है।

सेवा में आते ही यूपी से अन्य प्रदेशों तक सम्पत्तियां खरीद रहे युवा आईएएस

सेवा में आने के बाद कई आईएएस ने जमीनें और आवासीय सम्पत्तियां खरीदी हैं। जिनसे प्रतिमाह भारी कमाई हो रही है। यह फर्जीवाड़ा सिर्फ लखनऊ तक सीमित नहीं है बल्कि कई प्रदेशों में सम्पत्तियां खरीदी गयी हैं। एनसीआर में एक साथ 44 फ्लैट की रजिस्ट्री और गोवा में दो-दो करोड़ के चार फ्लैट समेत होटल व अन्य लग्जरी सम्पत्तियों से जुड़ी खबरें मीडिया में लंबे समय से सुर्खिंयां बटोर रहीं हैं। जांच कराई जाए तो कई राज बेनकाब होंगे।

CBI

आईएएस के पास सौ करोड़ की सम्पत्तियां, जांच नहीं

एक आईएएस के खिलाफ कुछ समय पहले शपथपत्र के जरिये सीएम योगी से लेकर लोकायुक्त तक आय से अधिक सम्पत्ति की शिकायत भेजी गयी। उक्त आईएएस का नाम चर्चित घोटालों में सुर्खियां भी बटोर चुका है। यूपी के सैकड़ों करोड़ के घोटाले में लखनऊ से सटे जिले में नामजद एफआईआर होने के बावजूद सीबीआई भी बाल बांका नहीं कर पाई। शिकायतकर्ता ने उक्त आईएएस के पास न सिर्फ करीब सौ करोड़ की सम्पत्ति होने का दावा किया बल्कि सम्पत्तियों की तस्वीरें भी संलग्न कीं। इसमें होटल, इंस्टीट्यूट और कोल्ड स्टोरेज समेत कई सम्पत्तियां शामिल हैं। आईएएस के खिलाफ जांच का कोई अता-पता नहीं है। बेटे के नाम भी तमाम सम्पत्तियां अर्जित की गयी हैं।

आईएएस के लग्जरी आवास से करोड़ों की ठगी

संदेश वाहक’ के पास मौजूद दस्तावेजों के मुताबिक अंसल की सुल्तानपुर रोड स्थित टाउनशिप में उक्त महिला आईएएस ने डेढ़ लाख रुपए प्रति माह के हिसाब से अपनी आवासीय सम्पत्ति को सालाना 18 लाख किराए पर उठाया था। एक चर्चित कोआपरेटिव हाउसिंग सोसायटी से उक्त सम्पत्ति का किरायेदारी अनुबंध हुआ। जिसने कई जिलों के अनगिनत निवेशकों से करीब सौ करोड़ की ठगी को अंजाम दिया है। पूरा फर्जीवाड़ा इसी लग्जरी आवास से चलाये जाने के संकेत हैं। आईएएस दम्पत्ति को कोई फर्क क्यों नहीं पड़ा। इसकी भी जांच जरुरी है। पिछले वर्ष इस सोसायटी और करीब डेढ़ दर्जन कंपनियों के मालिक की गिरफ्तारी के बाद सालाना 18 लाख की कमाई पर ताला लटक गया।

 

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