Siddharthnagar News: धर्म परिवर्तन के आरोप में इंटर कॉलेज प्रबंधक गिरफ्तार, विपक्ष ने उठाए सवाल

Sandesh Wahak Digital Desk: सिद्धार्थनगर जिले की इटवा तहसील स्थित अलफारूक इंटर कॉलेज के प्रबंधक मौलाना शब्बीर अहमद को कथित धर्म परिवर्तन के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। मामला सामने आने के बाद जिले में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और सोशल मीडिया पर भी इस गिरफ्तारी को लेकर चर्चाएं जोरों पर हैं।

शिकायतकर्ता के आरोप

यह पूरा मामला तब सामने आया जब शाहपुर निवासी अखंड प्रताप सिंह ने इटवा थाने में एक तहरीर देकर मौलाना शब्बीर पर गंभीर आरोप लगाए। अखंड प्रताप का दावा है कि वर्ष 2020 में उन्होंने अलफारूक इंटर कॉलेज में बाबू पद के लिए नौकरी की थी, जहां कुछ दिनों बाद प्रबंधक ने उनसे एक सादे एफिडेविट पर दस्तखत करवा लिए।

आरोप है कि इसके बाद उनसे इस्लाम कबूल करने और मुसलमान बनने का दबाव बनाया गया। शिकायतकर्ता ने यह भी दावा किया कि उसे लाखों रुपये का लालच दिया गया और उसे विदेश, विशेषकर अरब देशों के कुछ लोगों से बात भी कराई गई। इतना ही नहीं, उसने आरोप लगाया कि नोटरी के ज़रिए उसका नाम बदलकर ‘इमरान खान’ कर दिया गया, जिसकी एक प्रति उसके पास मौजूद है।

कॉलेज प्रशासन और शिक्षकों ने लगाए गए आरोपों को बताया बेबुनियाद

इस पूरे मामले को लेकर कॉलेज में वर्षों से कार्यरत हिंदू और मुस्लिम शिक्षकों ने आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। उनका कहना है कि कॉलेज 1992 से संचालित हो रहा है और वर्तमान में यहां करीब 2700 छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे हैं, जबकि लगभग 200 कर्मचारी कार्यरत हैं।

कॉलेज के एक हिंदू शिक्षक ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “मैं कई वर्षों से यहां पढ़ा रहा हूं। मुझे मेरी योग्यता के आधार पर नौकरी मिली थी, कभी मुझ पर किसी तरह का धार्मिक दबाव नहीं डाला गया।” कॉलेज प्रशासन ने भी दोहराया है कि यहां सभी धर्मों के लोग सम्मानपूर्वक काम कर रहे हैं और किसी से भी धर्म बदलने की कोई जबरदस्ती नहीं की गई है।

विपक्ष का पलटवार

नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे ने इस गिरफ्तारी को दुर्भाग्यपूर्ण और राजनीति से प्रेरित बताया है। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता अखंड प्रताप के आचरण और छवि से पूरा जनपद परिचित है। ऐसे व्यक्ति की तहरीर पर बिना ठोस जांच के मौलाना शब्बीर अहमद को गिरफ्तार कर जेल भेजना निंदनीय है। उन्होंने यह भी कहा कि “इस केस में कोई ठोस आधार नहीं है, और मौलाना की जमानत दो-चार दिनों में हो जाएगी। साथ ही शिकायतकर्ता की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।”

तो दूसरी ओर मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारी मीडिया के सामने कोई बयान देने से परहेज़ कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की गहराई से जांच जारी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की जाएगी। इस बीच मौलाना शब्बीर अहमद की गिरफ्तारी जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है और इस पर सोशल मीडिया पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।

 

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