Lucknow News: संविधान से सेक्युलरिज्म नहीं हटेगा, केंद्र के बयान पर मायावती ने जताई खुशी
Lucknow News: केंद्र सरकार ने संसद में स्पष्ट कर दिया है कि संविधान की प्रस्तावना से ‘सोशलिज्म’ (समाजवाद) और ‘सेक्युलरिज्म’ (धर्मनिरपेक्षता) जैसे शब्दों को हटाने का कोई इरादा नहीं है। इस बयान पर बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने अपनी प्रतिक्रिया दी है, जिसका उन्होंने स्वागत किया है। उन्होंने इस कदम को लोगों के लिए राहत की खबर बताया और कहा कि संविधान में इस तरह के अनुचित बदलाव गलत हैं।
बसपा सुप्रीमो मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, देश के कानून मंत्री का कल संसद में दिया गया बयान कि संविधान की प्रस्तावना से सेक्युलरिज़्म (धर्मनिरपेक्षता) आदि शब्द हटाने संबंधी सरकार की ना कोई नीयत है और ना ही ऐसा कुछ विचाराधीन है, यह उचित एवं सराहनीय है।
देश के कानून मंत्री का कल संसद में दिया गया बयान कि संविधान की प्रस्तावना से ’सेक्युलरिज़्म’ (धर्मनिरपेक्षता) आदि शब्द हटाने सम्बंधी सरकार की ना कोई नीयत है और ना ही ऐसा कुछ विचाराधीन है, यह उचित एवं सराहनीय है तथा ख़ासकर हमारी पार्टी बी.एस.पी. सहित देश व दुनिया भर में उन सभी…
— Mayawati (@Mayawati) July 25, 2025
बाबा साहेब के संविधान से छेड़छाड़ गलत
मायावती ने आगे कहा कि यह बयान खासकर बसपा सहित देश और दुनिया भर के उन सभी लोगों के लिए राहत की खबर और एक अच्छा आश्वासन है, जो परमपूज्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के बनाए संविधान में इस तरह के किसी भी अनुचित बदलाव या छेड़छाड़ के पूरी तरह खिलाफ हैं और ऐसी उठने वाली गलत मांग को लेकर चिंतित भी थे।
उन्होंने याद दिलाया कि भारत विभिन्न धर्मों जैसे हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध और पारसी आदि को मानने वाले लोगों का विश्व में सबसे बड़ी आबादी वाला देश है। संविधान के ज़रिए इसकी ‘विविधता में एकता’ की विशेषता दुनिया भर में बेमिसाल पहचान है। मायावती ने जोर दिया कि सभी धर्मों के लोगों को एक समान आदर-सम्मान देने और समतामूलक समाज व्यवस्था की सोच के साथ ही बाबा साहेब डॉ. अंबेडकर ने संविधान की रचना की थी, जिसकी झलक संविधान में हर कदम पर मिलती है।
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