राजस्थान में जल्द होंगे पंचायत और शहरी निकाय चुनाव, हाईकोर्ट ने दिया 6 महीने का अल्टीमेटम
मुख्यमंत्री ने परिसीमन रिपोर्ट को दी मंज़ूरी, 'वन एस्टेट वन इलेक्शन' का मामला भी गरमाया
Sandesh Wahak Digital Desk: राजस्थान हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को पंचायत और शहरी निकाय चुनाव छह महीने के भीतर कराने का कड़ा आदेश दिया है। इस निर्देश के बाद, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने चुनाव की तैयारियों को हरी झंडी दे दी है। उन्होंने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए परिसीमन समितियों की रिपोर्ट को मंज़ूरी दे दी है।
चुनाव क्यों हुए लेट?
सरकार ने पहले ‘वन एस्टेट वन इलेक्शन’ लागू करने का वादा किया था, लेकिन इसके बावजूद कई पंचायतों और नगर निकायों में चुनाव नहीं हुए। सरपंच और प्रधानों का कार्यकाल खत्म होने के बाद से पंचायतों का काम प्रशासनिक अधिकारी संभाल रहे हैं, और यही हाल नगर निगमों और नगर पालिकाओं का भी है। इस पर कुछ नागरिकों और समूहों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर इसे संविधान का उल्लंघन बताया था।
सरकार की अगली चाल
हाईकोर्ट ने साफ़ तौर पर कहा है कि छह महीने में सभी पंचायत चुनाव करवा लिए जाएँ। वहीं, राजस्थान सरकार ने इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट की डबल बेंच में याचिका दायर की है। सरकार का तर्क है कि ‘वन एस्टेट वन इलेक्शन’ को राज्य में लागू करने का अधिकार उनके पास है। अब सबकी निगाहें चुनाव प्रक्रिया और परिसीमन की तैयारियों पर टिकी हैं, क्योंकि हाईकोर्ट का आदेश और जनता का दबाव सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती है।
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