सिद्धार्थनगर में शिक्षकों का प्रदर्शन, झमाझम बारिश में भीगते हुए TET की अनिवार्यता का किया विरोध

Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश में शिक्षकों के लिए टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) को अनिवार्य किए जाने के फैसले का विरोध जारी है। मंगलवार को सिद्धार्थनगर में हजारों शिक्षकों ने जोरदार प्रदर्शन किया। भारी बारिश के बावजूद, शिक्षक सड़क पर उतर आए और पैदल मार्च निकालकर अपनी नाराजगी जाहिर की।

यह प्रदर्शन उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले हुआ, जिसकी अगुवाई जिलाध्यक्ष राधा रमण त्रिपाठी ने की। शिक्षक बीएसए कार्यालय से चलकर कलेक्ट्रेट तक पहुंचे और प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन प्रशासन को सौंपा।

क्यों हो रहा है विरोध?

शिक्षकों की मांग है कि 2011 से पहले नियुक्त हुए शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता को खत्म किया जाए। उनका कहना है कि शिक्षा अधिकार अधिनियम और राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद की 2010 की अधिसूचना में साफ लिखा है कि जो शिक्षक अधिनियम लागू होने से पहले नियुक्त हुए हैं, उन्हें टीईटी परीक्षा देने की जरूरत नहीं है।

शिक्षकों ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से लाखों शिक्षक तनाव और निराशा में हैं। मंत्री योगेंद्र पांडेय ने इसे अस्वीकार्य बताते हुए कहा कि यह निर्णय शिक्षकों के साथ अन्याय है। इस बीच, सरकारी सूत्रों के अनुसार, यूपी सरकार इस समस्या का समाधान तलाशने में जुट गई है। सरकार उन विकल्पों पर विचार कर रही है, जिनसे शिक्षकों की चिंताओं को दूर किया जा सके।

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