रायबरेली मॉब लिंचिंग केस: पीड़ित हरिओम के परिवार को योगी सरकार ने दी 14 लाख की मदद
Sandesh Wahak Digital Desk: रायबरेली के ऊंचाहार में मॉब लिंचिंग का शिकार हुए दलित युवक हरिओम वाल्मीकि के परिवार को शनिवार को योगी सरकार के मंत्रियों ने ₹14 लाख से अधिक की आर्थिक सहायता प्रदान की। इस दौरान मंत्रियों ने विपक्ष पर इस संवेदनशील घटना पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य न्याय सुनिश्चित करना है।
पीड़ित परिवार से मुलाकात और आर्थिक सहायता
प्रदेश सरकार के मंत्री राकेश सचान और असीम अरुण ने ऊंचाहार की नई बस्ती पहुँचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की। मंत्रियों ने हरिओम की पत्नी पिंकी और पिता गंगादीन को ₹6.92-₹6.92 लाख, यानी कुल ₹13.84 लाख की आर्थिक सहायता के चेक सौंपे। इसके साथ ही हरिओम की बेटी अनन्या को ₹2,500 प्रतिमाह का स्टाइपेंड देने की घोषणा की गई।
मंत्रियों ने परिवार को ढांढस बंधाया और आगे भी हर संभव मदद का भरोसा दिया। साथ ही, उन्हें जल्द ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलवाने का आश्वासन भी दिया। इस दौरान स्थानीय विधायक मनोज पांडेय भी उपस्थित रहे।
परिवार ने पुलिस कार्रवाई पर जताई संतुष्टि
मंत्रियों ने जब परिवार से अब तक हुई पुलिस कार्रवाई के बारे में पूछा, तो पत्नी पिंकी ने संतुष्टि व्यक्त की। उन्होंने कहा, “सरकार से हमें पूरी मदद मिल रही है। एसपी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं। हम सरकार और पुलिस की सहायता और कार्रवाई से पूरी तरह संतुष्ट हैं।”
मंत्री असीम अरुण का बयान: ‘हम न्याय करने आए हैं’
परिवार से मिलने के बाद मंत्री असीम अरुण ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि सरकार इस घटना को लेकर सख्त है और कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस तेजी से कार्रवाई कर रही है और अब तक 12 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए (बिना राहुल गांधी का नाम लिए) उन्होंने कहा इस मामले में राजनीति नहीं होनी चाहिए। सरकार इस पर बेहद गंभीर है। हम यहां न्याय करने आए हैं, हमारा उद्देश्य राजनीति नहीं है। मंत्रियों के दौरे के बाद यह स्पष्ट किया गया है कि सरकार न केवल त्वरित कार्रवाई कर रही है, बल्कि पीड़ित परिवार को तत्काल राहत और न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।

