ब्रह्मोस मिसाइल यूनिट देश की शक्ति का प्रतीक, राजनाथ सिंह बोले- सीएम योगी के नेतृत्व में UP बना निवेश का केंद्र
Sandesh Wahak Digital Desk: धनतेरस के शुभ अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल यूनिट के कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उन्होंने इस अवसर को न सिर्फ़ लखनऊ, बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का विषय बताते हुए देश की रक्षा, तकनीकी आत्मनिर्भरता और उत्तर प्रदेश के विकास पर अपने विचार रखे।
अपने संबोधन में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि लखनऊ उनके लिए महज़ एक संसदीय क्षेत्र नहीं, बल्कि भावनाओं से जुड़ा स्थान है। उन्होंने लखनऊ के तेज़ विकास पर ख़ुशी जताई और कहा कि ब्रह्मोस जैसी मिसाइलों का निर्माण सिर्फ़ एक तकनीकी उपलब्धि नहीं है, बल्कि देश की बढ़ती शक्ति और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। उन्होंने कहा, आज लखनऊ में देश की सबसे आधुनिक मिसाइल का निर्माण हो रहा है। यह कोई साधारण घटना नहीं है, यह भारत की सुरक्षा और सामर्थ्य का प्रैक्टिकल प्रूफ है।
राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान ब्रह्मोस मिसाइल के सफ़ल प्रयोग का ज़िक्र करते हुए कहा कि ब्रह्मोस ने यह दिखा दिया है कि जीत अब हमारे लिए आदत बन चुकी है। उन्होंने कहा कि बड़े शहरों से लेकर छोटे गाँवों तक, हर कोई अब भारत की इस ताक़त को महसूस कर रहा है।
स्वदेशी ताकत की पहचान है
यूपी में बनी ब्रह्मोस मिसाइल…… ✊लखनऊ में निर्मित इस मिसाइल की पहली खेप सेना को मिली है। यह मिसाइल भारतीय सेना के लिए गेम-चेंजर साबित होगी।
उत्तर प्रदेश ने आत्मनिर्भर भारत के सपने को नई उड़ान दी है। #UPBuildsBrahMos pic.twitter.com/jv1Ma2OANb
— Deepak Sharma (@SonOfBharat7) October 18, 2025
गुंडाराज से निवेश का केंद्र बना उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश में हुए बदलावों पर बोलते हुए राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ़ की। उन्होंने कहा कि एक समय था जब राज्य की पहचान गुंडाराज के रूप में होती थी और निवेशक यहाँ आने से कतराते थे। रक्षामंत्री ने कहा, लेकिन आज योगी आदित्यनाथ के मज़बूत नेतृत्व में उत्तर प्रदेश का चेहरा बदल गया है। आज उत्तर प्रदेश निवेश, उद्योग और नवाचार (Innovation) का केंद्र बन रहा है।
राजनाथ सिंह ने आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य पर ज़ोर देते हुए कहा कि भारत को अब हर स्तर की तकनीक, चाहे वह बड़ी हो या छोटी, देश में ही विकसित करनी होगी। उन्होंने कहा, हमें स्पेयर पार्ट तक के लिए विदेशों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। बड़ी इंडस्ट्री के साथ छोटी इंडस्ट्री को भी बढ़ाना होगा। यही असली आत्मनिर्भरता है।
उन्होंने कहा कि ब्रह्मोस परियोजनाएँ न सिर्फ़ देश की सुरक्षा को मज़बूत करती हैं, बल्कि रोजगार और विकास के नए अवसर भी पैदा करती हैं। अंत में, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि ब्रह्मोस जैसी परियोजनाएँ यह विश्वास दिलाती हैं कि मेक इन इंडिया अब सिर्फ़ नारा नहीं, बल्कि भारत की हकीकत है।

