कुशीनगर: एक से अधिक स्थानों पर एसआईआर भरना है अपराध, एक वर्ष तक की सजा संभव

चाहे नाम गांव और शहर दोनों स्थानों पर दर्ज हो या दो अलग-अलग राज्यों में गणना प्रपत्र केवल एक ही स्थान से भरा जाएगा

पडरौना, कुशीनगर। जिला निर्वाचन अधिकारी व जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि यदि किसी मतदाता का नाम एक से अधिक स्थानों पर मतदाता सूची में दर्ज है, तो उसे विभिन्न स्थानों से ईपी व ईएफ प्राप्त हो सकता है, लेकिन वह स्वयं अथवा उसके परिवार का कोई सदस्य केवल एक ही ईएफ पर हस्ताक्षर करेगा। उन्होंने कहा कि एक से अधिक ईएफ पर हस्ताक्षर करना दंडनीय अपराध है, जिसके लिए एक वर्ष तक की सजा या जुर्माने का प्रावधान है।

जिलाधिकारी ने विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) के संबंध में बताया कि किसी भी मतदाता को दो स्थानों से गणना प्रपत्र नहीं भरना चाहिए। चाहे नाम गांव और शहर दोनों स्थानों पर दर्ज हो या दो अलग-अलग राज्यों में गणना प्रपत्र केवल एक ही स्थान से भरा जाए। उन्होंने बताया कि चुनाव आयोग ने दोहरी प्रविष्टियों की पहचान के लिए डिजिटल प्रणाली विकसित की है, जिससे दो स्थानों से फॉर्म भरने वालों की पहचान स्वतः हो जाएगी। जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि मतदाता जहां मतदान करना चाहते हैं, चाहे पुश्तैनी गांव हो या वर्तमान निवास उसी स्थान से गणना प्रपत्र जमा करें।

27 अक्टूबर से फ्रीज है मतदाता सूची

जिला निर्वाचन अधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि 27 अक्टूबर को मतदाता सूची फ्रीज कर दी गई है, इसलिए वर्तमान सूची में जिसका नाम जहां दर्ज है, उसे उसी स्थान से फॉर्म भरना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि इस कार्य में लगे बीएलओ एवं सुपरवाइजरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें, अन्यथा कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

अन्य राज्य में हैं मतदाता तो यूपी में न भरे एसआईआर प्रपत्र

जिलाधिकारी ने कहा कि उत्तर प्रदेश का कोई भी व्यक्ति यदि किसी अन्य राज्य में मतदाता के रूप में पंजीकृत है, तो उसे यूपी में गणना प्रपत्र नहीं भरना चाहिए। एसआईआर का उद्देश्य मृत मतदाताओं का नाम हटाना और दोहरे नामों को समाप्त कर मतदाता सूची को शुद्ध एवं अद्यतन करना है।

2003 की मतदाता सूची में आनलाइन खोज सकते अपना नाम

जिला निर्वाचन अधिकारी व जिलाधिकारी श्री तंवर ने सभी नागरिकों से अपील की है कि एनुमिनिरेशन फॉर्म भरने में बीएलओ का सहयोग करे, 2003 मतदाता सूची में अपना नाम तथा अपने पिता व माता का नाम बेबसाइट से ऑनलाइन खोजा जा सकता है।

रिपोर्ट: राघवेंद्र मल्ल

 

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