Lucknow News: दिन में रेकी, रात में चोरी, ई-रिक्शा बैट्री चोर गैंग का पर्दाफाश, 4 गिरफ्तार
Lucknow News: राजधानी लखनऊ में लगातार बढ़ रही ई-रिक्शा बैट्री चोरी की वारदातों के बीच कृष्णानगर थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने रेकी कर बैट्री चोरी करने वाले चार सदस्यीय गैंग को गिरफ्तार कर 18 ई-रिक्शा बैट्रियां, चोरी में इस्तेमाल एक कार, दो कटिंग प्लायर और 20 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। गिरफ्तारी बैकुंठ धाम, वीआईपी रोड से बुधवार तड़के करीब 4:30 बजे की गई।
शिकायत के बाद बनी दो टीमें
दरअसल इस मामले का खुलासा एक शिकायत के बाद शुरू हुआ। यहां 30 नवंबर को आलमबाग के गीतापल्ली निवासी पंकज ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 26/27 नवंबर की रात उनकी ई-रिक्शा की बैट्री घर के बाहर से चोरी कर ली गई। जिसके बाद शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने दो टीमें बनाई। दोनों टीमों ने लगभग सौ CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली और एक संदिग्ध कार की गतिविधियों पर फोकस बढ़ाया। इसके आधार पर पुलिस 2 दिसंबर को बैकुंठ धाम पहुंची और सभी चार आरोपियों को दबोच लिया।
पूछताछ में कबूल किया चोरी का खेल
दरअसल गिरफ्तार आरोपियों में सर्वेश त्रिपाठी, अभिषेक सिंह, विकास सिंह और जमई शामिल हैं। पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे दिन में अलग-अलग इलाकों में घूमकर रेकी करते थे और देर रात ई-रिक्शा की बैट्रियां निकालकर कबाड़ियों को बेच देते थे। आरोपियों ने गीतापल्ली, औरंगाबाद, आलमबाग और दुबग्गा इलाके से बैट्रियां चोरी करने की बात स्वीकार की। उनकी निशानदेही पर फीनिक्स मॉल के पीछे डाला स्टैंड से 10 बैट्रियां और उनकी कार से 8 बैट्रियां बरामद हुईं। कुल मिलाकर 18 ई-रिक्शा बैट्रियां बरामद की गईं।
चौंकाने वाला आरोपियों का बैकग्राउंड
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में सबसे ज्यादा आपराधिक इतिहास सर्वेश त्रिपाठी का है, जिसके खिलाफ सरोजनीनगर थाने में चार केस दर्ज हैं और वह इस साल फरवरी में जेल से रिहा हुआ था। अभिषेक सिंह के खिलाफ भी बाराबंकी में एक केस दर्ज है। विकास सिंह पिकअप ड्राइवर का काम करता है, जबकि जमई चिनहट में कबाड़ी की दुकान चलाता है और केवल पांचवीं तक पढ़ा है।
वहीं छापेमारी के दौरान पुलिस को एक स्विफ्ट डिज़ायर कार, दो कटिंग प्लायर, एक छोटी चार्ट और 20 हजार रुपये नकद मिले। सभी बरामद बैट्रियों की कीमत करीब चार लाख रुपये आंकी गई है।
कृष्णानगर पुलिस की टीम ने किया खुलासा
पुलिस का कहना है कि जिस तरीके से गिरोह रैकी कर रातों-रात बैट्रियां निकालता था, उससे स्पष्ट है कि यह एक संगठित नेटवर्क था। टीम आरोपियों के पुराने रिकॉर्ड और संभावित अन्य चोरी की घटनाओं की भी जांच कर रही है। कृष्णानगर पुलिस की इस कार्रवाई को ई-रिक्शा चालकों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है, क्योंकि चोरी की बढ़ती घटनाओं ने उनकी रोज़ी-रोटी पर सीधा असर डालना शुरू कर दिया था।
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