विजन 2047: UP बनेगा ‘स्वच्छता का पर्याय’, योगी सरकार ने तैयार किया AQI ‘गुड’ श्रेणी में लाने का रोडमैप
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश को ‘उत्तम प्रदेश’ बनाने के लिए संकल्पित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने वर्ष 2047 तक राज्य को स्वच्छ, स्वस्थ और पर्यावरणीय दृष्टि से उन्नत बनाने का महत्वाकांक्षी रोडमैप तैयार किया है। इस मास्टर प्लान का केंद्रीय लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य के सभी नगरीय क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) पूरे वर्ष ‘गुड’ (Good) श्रेणी में बना रहे।
योगी सरकार का मानना है कि स्वच्छ वायु, धूल रहित सड़कें और हरित अवसंरचना का विकास राज्य की आर्थिक और सामाजिक प्रगति का आधार है।
रोडमैप के प्रमुख बिंदु
- वायु गुणवत्ता (AQI) सुधार पर फोकस: वर्ष 2047 तक सभी नगरीय क्षेत्रों का औसत AQI सालभर ‘गुड’ श्रेणी में रखना। स्वच्छ आबोहवा से नागरिकों का स्वास्थ्य सुधरेगा, अस्पतालों पर दबाव घटेगा और निवेशकों के लिए नगरीय क्षेत्र अधिक आकर्षक बनेंगे।
- प्रदूषण नियंत्रण और डस्ट-फ्री कॉरिडोर: शहरी सड़कों को 100% स्थायी बनाने की दिशा में कार्य, जिससे धूल प्रदूषण कम हो। प्रमुख एवं आवासीय सड़कों पर मशीनीकृत सफाई (Mechanical Sweeping) सुविधाओं को बढ़ाना। हाई-ट्रैफिक कॉरिडोर पर धूल मुक्त मार्ग विकसित किए जाएंगे, जिससे दुर्घटनाएं भी कम होंगी।
- निर्माण एवं ध्वस्तीकरण कचरा प्रबंधन: निर्माण तथा ध्वस्तीकरण (C&D) कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण हेतु नगर स्तरीय कलेक्शन और पुनर्चक्रण (Recycling) नेटवर्क स्थापित किए जाएंगे। निर्माण स्थलों पर ऑन-साइट डस्ट कंट्रोल उपायों को अनिवार्य रूप से लागू किया जाएगा, नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माने का प्रावधान होगा।
- हरित आवरण और जैव विविधता: शहरी क्षेत्रों में हरित आवरण को बढ़ाकर 33 प्रतिशत तक करना। मियावाकी वन, ग्रीनरी बफर जोन और हरित पट्टियों का विकास किया जाएगा, जिससे शहरों का तापमान नियंत्रित रहेगा और कार्बन अवशोषण बढ़ेगा।
- स्मार्ट मॉनिटरिंग नेटवर्क: पूरे प्रदेश में स्मार्ट एयर मॉनिटरिंग सेंसर लगाने की कार्ययोजना है, जिसके जरिए नागरिकों को रियल टाइम AQI की जानकारी उपलब्ध कराई जा सकेगी। वैज्ञानिक डेटा मिलने से सरकार को प्रदूषण नियंत्रण के लिए अधिक प्रभावी नीतिगत निर्णय लेने में मदद मिलेगी।
यह व्यापक रोडमैप उत्तर प्रदेश को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप अधिक रहने योग्य, निवेश के लिए आकर्षक तथा पर्यावरणीय दृष्टि से सुरक्षित राज्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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