लखनऊ: केशव प्रसाद मौर्य के आवास पर ‘फर्जी नेताजी’ का खेल खत्म! शातिर ठग चढ़ा पुलिस के हत्थे
Sandesh Wahak Digital Desk: लखनऊ में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के सरकारी आवास पर खुद को दिल्ली भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का प्रतिनिधि बताकर घुसने और फ्रॉड करने की कोशिश करने वाले एक शख्स को पकड़ा गया है। सतर्कता टीम की मुस्तैदी के कारण ठगी की यह कोशिश विफल हो गई।
आरोपी दशरथ पाल सिंह खुद को दिल्ली भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा का प्रतिनिधि बताकर उपमुख्यमंत्री से मिलने उनके सरकारी आवास पहुंचा था।
सतर्कता टीम को दशरथ पाल सिंह के व्यवहार और दस्तावेजों पर संदेह हुआ। उपमुख्यमंत्री मौर्य ने तुरंत सत्यापन के लिए दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा से संपर्क किया, जिन्होंने साफ किया कि उन्होंने ऐसा कोई प्रतिनिधि नहीं भेजा है। फर्जीवाड़ा की पुष्टि होते ही सुरक्षा टीम ने उसे हिरासत में ले लिया। सूचना मिलते ही गौतमपल्ली थाना पुलिस मौके पर पहुँची और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
जालसाजी का बड़ा नेटवर्क
पुलिस पूछताछ और तलाशी में पता चला कि दशरथ पाल सिंह जनता को झांसा देकर धोखाधड़ी करने का आदी है। पुलिस के अनुसार, वह नोएडा, बुलंदशहर, मेरठ और लखनऊ समेत कई जिलों में राजनीतिक चेहरों के नाम पर फ्रॉड कर चुका है।
आरोपी के पास से बुलंदशहर भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष के नाम से एक फर्जी विजिटिंग कार्ड मिला, जबकि सत्यापन में पता चला कि उसका पार्टी से कोई संबंध नहीं है। शुरुआती पूछताछ में उसके पास से गाजियाबाद और नोएडा सहित कई पते दर्ज पांच अलग-अलग आधार कार्ड भी मिले।
कड़ी कार्रवाई और जांच
पूरे प्रकरण पर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष के सचिव की तरफ से डीसीपी दिल्ली पुलिस को तहरीर दी गई थी। इसी आधार पर डिप्टी सीएम केशव के निजी सचिव की ओर से गौतम पल्ली थाने में तहरीर दी गई, जिसके बाद गौतमपल्ली थाने में आरोपी के खिलाफ जालसाजी और धोखाधड़ी की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस अब आरोपी के मोबाइल और डिजिटल गतिविधियों की गहन जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह किसी बड़े आपराधिक या ठग गिरोह से जुड़ा हुआ है या नहीं। आरोपी को जेल भेजने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
Also Read: कफ सिरप तस्करी सिंडिकेट पर ED की कार्रवाई, लखनऊ समेत 6 शहरों में 25 ठिकानों पर छापेमारी

