लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, हंगामे और मनरेगा पर विरोध के बीच खत्म हुआ छठा सत्र
Sandesh Wahak Digital Desk: संसद के शीतकालीन सत्र (18वीं लोकसभा का छठा सत्र) का आज औपचारिक रूप से समापन हो गया। शुक्रवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा की। सत्र के आखिरी दिन जहां कामकाज के शानदार आंकड़े सामने आए, वहीं विपक्ष का तीखा विरोध प्रदर्शन भी देखने को मिला।
सदन को संबोधित करते हुए अध्यक्ष ओम बिरला ने बताया कि यह सत्र विधायी कार्यों के लिहाज से बेहद सफल रहा। 1 दिसंबर से शुरू हुए इस सत्र में कुल 15 बैठकें हुईं। सभी सदस्यों के सहयोग से सदन की उत्पादकता लगभग 111 प्रतिशत रही। अध्यक्ष ने कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने के लिए प्रधानमंत्री, नेता प्रतिपक्ष और सभी सांसदों का धन्यवाद किया। उन्होंने ‘वंदे मातरम’ की धुन के साथ सत्र की समाप्ति की घोषणा की।
सत्र का समापन भले ही औपचारिक रहा, लेकिन बाहर राजनीतिक पारा गरमाया रहा। विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में मनरेगा (MGNREGA) का नाम बदलने और नए विधेयक के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। विपक्षी सांसदों ने हाथों में तख्तियां लेकर ‘मनरेगा को मत मारो’ के नारे लगाए।
सरकार ने गुरुवार को भारी हंगामे के बीच ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन’ (G-RAMJI) विधेयक पारित कराया है। यह नया कानून 2005 के ‘मनरेगा’ अधिनियम की जगह लेगा, जिसका विपक्ष कड़ा विरोध कर रहा है।
ओम बिरला ने एक्स (ट्विटर) पर भी अपनी खुशी जाहिर करते हुए लिखा कि माननीय सदस्यों के सक्रिय सहयोग के कारण ही सदन इतने उच्च स्तर की उत्पादकता हासिल कर पाया। उन्होंने लोकसभा सचिवालय और मीडिया के प्रति भी आभार व्यक्त किया।
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