कुशीनगर: अनावश्यक रेफर करने वाले डॉक्टरों पर गिरेगी गाज, डीएम ने दिए जांच और कार्रवाई के सख्त निर्देश

पडरौना, कुशीनगर: स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही और मरीजों को बिना गंभीर कारण हायर सेंटर रेफर करने की बढ़ती शिकायतों पर जिलाधिकारी (DM) महेंद्र सिंह तंवर ने कड़ा रुख अपनाया है। बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित स्वास्थ्य समिति शासी निकाय की बैठक में डीएम ने स्पष्ट किया कि मरीजों को अनावश्यक रूप से रेफर करने वाले चिकित्सकों की जिम्मेदारी तय कर उनके विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

रेफरल और जांच प्रणाली में बड़े बदलाव

जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) को निर्देश दिए कि बिना ठोस और उचित कारणों के मरीजों को रेफर न किया जाए। यदि ऐसा पाया जाता है, तो संबंधित डॉक्टर को जवाबदेह बनाया जाए। डेथ ऑडिट या पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर असंतोष जताने वाले मामलों के लिए एक विशेष समिति गठित की जाएगी। पारदर्शिता के लिए इस समिति में एक निजी चिकित्सक को भी शामिल किया जाएगा। सरकारी सेवाओं के बीच निजी अस्पतालों में प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टरों के संबंध में अलग से बैठक कर उन पर नकेल कसी जाएगी।

जिला अस्पताल का होगा कायाकल्प

बैठक में जिला अस्पताल के आधुनिकरण पर भी चर्चा हुई। डीएम ने सीएसआर (CSR) मद से लगभग 1.5 से 2 करोड़ रुपये के बजट से ओपीडी और अन्य सुविधाओं को विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल में बढ़ती भीड़ के सुव्यवस्थित प्रबंधन और कर्मचारियों को मुस्तैद रहने की हिदायत दी।

योजनाओं की विस्तृत समीक्षा

जिलाधिकारी ने संस्थागत प्रसव, आयुष्मान कार्ड, टीकाकरण अभियान, आशा बहुओं के भुगतान और एईएस-जेई (AES-JE) नियंत्रण कार्यक्रमों की प्रगति जांची। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की बहानेबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी बंदिता श्रीवास्तव, सीएमओ डॉ. चन्द्र प्रकाश और अन्य जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

रिपोर्ट: राघवेंद्र मल्ल

 

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