UP SIR: एक करोड़ मतदाताओं को नोटिस जारी करेगा चुनाव आयोग; नाम बचाने के लिए दिखाने होंगे ये दस्तावेज
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) को लेकर निर्वाचन आयोग ने एक बड़ा अपडेट जारी किया है। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नवदीप रिणवा ने बताया कि प्रदेश के करीब 1.04 करोड़ ऐसे मतदाताओं को नोटिस भेजा जाएगा, जिनके रिकॉर्ड का मिलान वर्ष 2003 की मतदाता सूची से नहीं हो पाया है। इन मतदाताओं को अपनी नागरिकता और पते की पुष्टि के लिए निर्धारित 12 दस्तावेजों में से कोई एक पेश करना होगा, अन्यथा उनके नाम अंतिम मतदाता सूची से हटा दिए जाएंगे।
महत्वपूर्ण तिथियां
चुनाव आयोग ने सुधार और आपत्तियों के लिए निम्नलिखित समयसीमा तय की है:
6 फरवरी: दावा और आपत्ति दर्ज कराने की अंतिम तिथि।
27 फरवरी: प्राप्त दावों और आपत्तियों का निपटारा करने की तिथि।
6 मार्च: प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन।
वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने या सुधारने के लिए जरूरी फॉर्म
यदि आपका नाम कट गया है या आप नए मतदाता हैं, तो नीचे दिए गए फॉर्म का उपयोग करें:
फॉर्म 6: नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए।
फॉर्म 7: सूची से नाम हटाने या किसी नाम पर आपत्ति दर्ज करने के लिए।
फॉर्म 8: पते में सुधार, फोटो बदलने, डुप्लीकेट वोटर आईडी (EPIC) या दिव्यांग चिह्नांकन के लिए।
फॉर्म 6क: अप्रवासी भारतीयों (NRIs) के लिए।
अपना नाम कैसे चेक करें?
आप घर बैठे जान सकते हैं कि आपका नाम वोटर लिस्ट में है या नहीं:
पोर्टल: voters.eci.gov.in पर जाकर ‘Search in Electoral Roll’ पर क्लिक करें।
एप: ‘Voter Helpline’ मोबाइल एप का इस्तेमाल करें।
ऑफलाइन: अपने क्षेत्र के बीएलओ (BLO) से संपर्क कर सूची देख सकते हैं।
विशेष नोट: सीईओ नवदीप रिणवा ने स्पष्ट किया है कि जिन मतदाताओं के नाम हटाए जाएंगे, उनका ब्योरा गृह विभाग को नहीं भेजा जाएगा, बल्कि आयोग इसे सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करेगा ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

