अमेठी में ‘फार्मर रजिस्ट्री’ पर गिरी गाज, लापरवाही देख भड़के सीडीओ, कृषि अधिकारियों का वेतन रोका
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘फार्मर रजिस्ट्री’ के काम में ढिलाई बरतना अमेठी के कृषि अधिकारियों को भारी पड़ गया है। जिले की खराब प्रगति और प्रदेश स्तर पर हुई किरकिरी से नाराज मुख्य विकास अधिकारी (CDO) सचिन कुमार सिंह ने कड़ा रुख अपनाते हुए जिले के दो बड़े अधिकारियों का वेतन रोकने के आदेश जारी कर दिए हैं।
लक्ष्य से कोसों दूर अमेठी: 1.30 लाख किसान अब भी बाकी
बीते 14 जनवरी को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अमेठी की रिपोर्ट कार्ड बेहद खराब पाई गई। समीक्षा में सामने आए आंकड़े चौंकाने वाले हैं।
कुल लक्ष्य: 3,18,853 किसान
अब तक पंजीकरण: 1,87,913 किसान
लंबित पंजीकरण: 1,30,940 किसान (जो लक्ष्य का एक बड़ा हिस्सा है)
मुख्य सचिव की नाराजगी के बाद सीडीओ ने पाया कि फील्ड स्तर पर न तो कोई विशेष अभियान चलाया गया और न ही इसकी प्रभावी मॉनिटरिंग की गई। सीडीओ सचिन कुमार सिंह ने योजना के प्रति उदासीनता और खराब मॉनिटरिंग के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार मानते हुए निम्नलिखित अधिकारियों के जनवरी 2026 के वेतन पर रोक लगा दी है।
- उप कृषि निदेशक (DD Agriculture), अमेठी
- जिला कृषि अधिकारी (DAO), अमेठी
अधिकारियों का वेतन तब तक जारी नहीं किया जाएगा, जब तक कि शेष 1.30 लाख से ज्यादा किसानों का पंजीकरण पूरा कर लक्ष्य हासिल नहीं कर लिया जाता।
अब चलेगा ‘विशेष अभियान’
वेतन रोकने के साथ ही सीडीओ ने सख्त हिदायत दी है कि तत्काल प्रभाव से विशेष अभियान शुरू किया जाए। अब अधिकारियों को हर दिन की प्रगति रिपोर्ट जिला मुख्यालय को देनी होगी।
“शासन की योजनाओं में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगी। जिले की छवि खराब करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।”
सचिन कुमार सिंह, सीडीओ अमेठी

