भगवंत मान ने अमित शाह से की मुलाकात, पंजाब के कई मुद्दों पर हुई चर्चा
Sandesh Wahak Digital Desk: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शनिवार को देश की राजधानी दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस उच्च स्तरीय बैठक में पंजाब के हितों, किसानों की समस्याओं और केंद्र-राज्य के बीच लंबित पड़े आर्थिक मुद्दों पर बेहद संजीदगी से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री मान ने पंजाब के पक्ष को मजबूती से रखते हुए केंद्र सरकार से सहयोग की अपील की।
मुलाकात के दौरान सीएम भगवंत मान ने संसद में लाए जाने वाले बीज बिल पर पंजाब की कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पंजाब एक कृषि प्रधान राज्य है और यहां की पूरी अर्थव्यवस्था खेती पर टिकी है। ऐसे में बिना पंजाब सरकार से परामर्श किए या सुझाव लिए बीज से संबंधित कोई भी कानून लाना गलत है। उन्होंने मांग की कि इस विधेयक को आगे बढ़ाने से पहले राज्य के साथ चर्चा अनिवार्य की जाए।
बैठक में बहुचर्चित सतलुज-यमुना लिंक (SYL) नहर का मुद्दा भी गूंजा। मुख्यमंत्री मान ने पंजाब का रुख साफ करते हुए कहा कि राज्य के पास किसी को देने के लिए अतिरिक्त पानी नहीं है, इसलिए इस मुद्दे को अब स्थायी रूप से समाप्त किया जाना चाहिए।
लंबित फंड और प्रशासनिक मांगें
भगवंत मान ने केंद्र के पास फंसे पंजाब के वित्तीय हक को लेकर भी आवाज उठाई।
RDF का बकाया: मुख्यमंत्री ने पंजाब के ग्रामीण विकास कोष (RDF) के लंबित 8,500 करोड़ रुपये को तुरंत जारी करने की मांग की।
FCI में नियुक्ति: उन्होंने मांग रखी कि फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (FCI) में जनरल मैनेजर (GM) के पद पर पंजाब कैडर के ही अधिकारी की नियुक्ति की जाए, ताकि राज्य की अनाज मंडियों और भंडारण से जुड़ी समस्याओं का बेहतर समाधान हो सके।
सीमावर्ती किसानों की समस्या और सुरक्षा
बैठक में भारत-पाकिस्तान सीमा पर कंटीली बाड़ के क्षेत्र में खेती करने वाले किसानों की मुश्किलों पर भी चर्चा हुई। सीएम मान ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र के किसानों को खेती के दौरान कई तकनीकी और सुरक्षा संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, जिनका शीघ्र समाधान जरूरी है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस मुलाकात के बाद सोशल मीडिया (X) पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि गृह मंत्री अमित शाह ने पंजाब की सभी मांगों और मुद्दों को बहुत गंभीरता से सुना है और उनके उचित समाधान का भरोसा दिया है।
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