माघ मेले में शंकराचार्य पर पाबंदी की चेतावनी से गरमाई सियासत, अखिलेश बोले- ‘भाजपा कर रही अधर्म’

Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश में आज का दिन सियासी सरगर्मियों और प्रशासनिक टकराव के नाम रहा। प्रयागराज के माघ मेले से शुरू हुआ विवाद अब लखनऊ के गलियारों तक पहुंच गया है। जहां एक ओर प्रशासन और संतों के बीच ठनी है, वहीं दूसरी ओर समाजवादी पार्टी ने इसे बड़ा मुद्दा बना लिया है।

शंकराचार्य और मेला प्रशासन के बीच टकराव तेज शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और प्रयागराज मेला प्रशासन के बीच का विवाद अब और गंभीर हो गया है। मेला प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को एक नोटिस जारी कर चेतावनी दी है कि भविष्य में उनके मेला क्षेत्र में प्रवेश पर हमेशा के लिए रोक लगाई जा सकती है। 18 जनवरी के इस नोटिस ने संतों और भक्तों के बीच भारी नाराजगी पैदा कर दी है।

‘शंकराचार्य का अपमान कर रही भाजपा’

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि भाजपा ‘अधर्म’ की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य का सम्मान सर्वोपरि होना चाहिए और उन्हें स्नान से रोकना निंदनीय है। “छोटे लोहिया” जनेश्वर मिश्र की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि देने पहुँचे अखिलेश ने कहा कि भाजपा केवल पूंजीवाद और सांप्रदायिक एजेंडे को बढ़ावा दे रही है।

शिवपाल यादव का बड़ा बयान 

इसी बीच, सपा के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव ने आगामी चुनावों को लेकर पार्टी का रुख साफ कर दिया। उन्होंने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी अपने दम पर सरकार बनाएगी और उन्हें असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी (AIMIM) के साथ किसी गठबंधन की जरूरत नहीं है। उन्होंने जनेश्वर मिश्र को याद करते हुए उन्हें समाजवादी आंदोलन का सबसे मजबूत स्तंभ बताया।

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