‘तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा’, सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में गूंजा नेताजी का उद्घोष

सिद्धार्थनगर। आज़ाद हिन्द फौज के संस्थापक और भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महानायक नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जयंती के अवसर पर सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु में ‘पराक्रम दिवस’ का भव्य आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय के कला संकाय में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) की ‘नेताजी सुभाष चन्द्र बोस इकाई’ द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में युवाओं को राष्ट्रप्रेम का पाठ पढ़ाया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. कविता शाह के मार्गदर्शन और कुलसचिव डॉ. अश्वनी कुमार की प्रेरणा से हुई। कार्यक्रम का शुभारंभ नेताजी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर और उन्हें नमन करके किया गया। इस दौरान पूरा हॉल देशभक्ति के गौरवपूर्ण वातावरण से भर गया।

“त्याग और राष्ट्रप्रेम को आत्मसात करें युवा”

विश्वविद्यालय के संपत्ति अधिकारी और मुख्य वक्ता डॉ. विमल चन्द्र वर्मा ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि नेताजी का पूरा जीवन त्याग और समर्पण की मिसाल था। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि हमें ‘विकसित भारत’ के सपने को सच करना है, तो हमें नेताजी के बताए रास्तों और उनके असीम राष्ट्रप्रेम को अपने जीवन में उतारना होगा। उन्होंने बताया कि नेताजी का नारा ‘तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा’ आज भी भारत की एकता को बनाए रखने के लिए उतना ही प्रासंगिक है।

विशिष्ट वक्ता डॉ. वंदना गुप्ता ने नेताजी के क्रांतिकारी विचारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका पराक्रम और कठोर त्याग आज के युवाओं के लिए ऊर्जा का स्रोत है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सरिता सिंह ने किया, जबकि डॉ. यशवन्त यादव ने सभी अतिथियों का स्वागत और धन्यवाद ज्ञापन किया।

प्राध्यापकों और छात्रों की रही गरिमामयी उपस्थिति

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों के छात्र-छात्राओं सहित डॉ. मनीषा वाजपेई, डॉ. विनीता रावत, डॉ. किरण गुप्ता और डॉ. अब्दुल हफीज जैसे कई वरिष्ठ प्राध्यापक मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में नेताजी के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।

रिपोर्ट: जाकिर खान

 

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