सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में बसंत उत्सव की धूम, मनाई गई निराला जयंती, भजनों और कविताओं से गूंजा परिसर
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर स्थित सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु में बसंत पंचमी का पावन पर्व और महाकवि सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की जयंती बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. कविता शाह के मार्गदर्शन और कुलसचिव डॉ. अश्वनी कुमार की प्रेरणा से आयोजित इस कार्यक्रम में शिक्षा, साहित्य और संगीत का अद्भुत समन्वय देखने को मिला।
मां सरस्वती की वंदना से हुआ मंगल शुभारंभ
कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) की ‘भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई इकाई’ द्वारा कला संकाय में किया गया। कार्यक्रम का आगाज़ वीणा वादिनी माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और पुष्पार्चन के साथ हुआ। उपस्थित प्राध्यापकों और छात्रों ने माँ शारदे की आराधना कर ज्ञान और सद्बुद्धि का आशीर्वाद मांगा।

भक्ति और संगीत का संगम
कार्यक्रम में साकेत जी ने अपनी मधुर आवाज़ और भक्तिमय संगीत के जरिए पूरे माहौल को आध्यात्मिक बना दिया। उनके भजनों ने उपस्थित जनसमूह को माँ सरस्वती की भक्ति में सराबोर कर दिया। इसके अलावा डॉ. रेनू सिंह, डॉ. अंजुलता श्रीवास्तव, डॉ. रिंकी सिंह और डॉ. वंदना गुप्ता सहित कई विद्वानों और छात्र-छात्राओं ने सरस्वती वंदना, भजन और कविताओं का पाठ किया।
महाकवि निराला को दी गई काव्यांजलि
हिंदी विभाग के अध्यक्ष प्रो. सत्येन्द्र कुमार दुबे ने महाकवि निराला द्वारा रचित कालजयी रचना ‘राम की शक्ति पूजा’ का पाठ किया। उन्होंने अपनी प्रस्तुति से निराला जी के ओजस्वी साहित्य को जीवित कर दिया। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. यशवन्त यादव ने किया, जबकि भूगोल विभागाध्यक्ष डॉ. विशाल गुप्ता ने सभी का आभार व्यक्त किया।
विद्वानों और छात्र-छात्राओं की उपस्थिति
इस अवसर पर डॉ. विनोद दीक्षित, डॉ. सरिता सिंह, डॉ. रविकांत शुक्ला और डॉ. मनीष शर्मा सहित विभिन्न कॉलेजों से मूल्यांकन हेतु आए प्राध्यापक और भारी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। सभी ने माँ सरस्वती और निराला जी को नमन करते हुए इस उत्सव का आनंद लिया।
रिपोर्ट: जाकिर खान
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