लखनऊ में लगा फूलों का मेला, NBRI में गुलाब और ग्लैडियोलस प्रदर्शनी का आगाज
Sandesh Wahak Digital Desk: लखनऊ के पुष्प प्रेमियों के लिए शनिवार का दिन बेहद खास रहा। शहर की हवाओं में गुलाब और ग्लैडियोलस की ऐसी महक घुली कि हर कोई एनबीआरआई (NBRI) के बगीचों की ओर खिंचा चला आया। मौका था दो दिवसीय वार्षिक पुष्प प्रदर्शनी के रंगारंग आगाज़ का।
सीएसआईआर-राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान (NBRI) के सेंट्रल लॉन में शनिवार से दो दिवसीय ‘गुलाब एवं ग्लैडियोलस प्रदर्शनी’ की शुरुआत हुई। इस खूबसूरत प्रदर्शनी का उद्घाटन राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के अध्यक्ष प्रो. प्रदीप कुमार जोशी ने किया। इस दौरान सीडीआरआई (CDRI) की निदेशिका डॉ. राधा रंगराजन और एनबीआरआई के निदेशक डॉ. अजित कुमार शासनी भी मौजूद रहे।
आंकड़ों में प्रदर्शनी की झलक
इस साल प्रदर्शनी ने पुष्प प्रेमियों के बीच जबरदस्त उत्साह पैदा किया है। इसके मुख्य आकर्षण और आंकड़े कुछ इस प्रकार हैं।
कुल प्रतिभागी: इस बार 73 प्रदर्शकों ने हिस्सा लिया है।
प्रविष्टियां: प्रदर्शनी में अलग-अलग किस्मों की कुल 510 प्रविष्टियां प्रदर्शित की गई हैं।
प्रतियोगिता श्रेणियां: प्रदर्शनी को A से H तक कुल 8 वर्गों में बांटा गया है। इसमें कट फ्लॉवर, स्पेसिमन ब्लूम्स, पुष्प सज्जा (Flower Arrangement), गमलों में लगे पौधे और फोटोग्राफी जैसी रोमांचक श्रेणियां शामिल हैं।
दुर्लभ फूलों की मनमोहक छटा
प्रदर्शनी में गुलाब की हाइब्रिड टी, फ्लोरिबुंडा, पोलिएन्था और मिनिएचर जैसी दुर्लभ किस्में लोगों का ध्यान खींच रही हैं। इसके साथ ही ग्लैडियोलस के चटक रंग पूरे वातावरण को उत्सव जैसा बना रहे हैं। प्रदर्शनी के संयोजक डॉ. के. जे. सिंह ने बताया कि इन प्रतियोगिताओं में सरकारी संस्थानों से लेकर नर्सरियों, छात्रों और निजी बागवानों ने भी बड़ी संख्या में शिरकत की है।
सिर्फ फूल ही नहीं, ज्ञान का भी भंडार
एनबीआरआई ने इस मेले को केवल देखने तक सीमित नहीं रखा है, बल्कि यहां सीखने के लिए भी बहुत कुछ है। संस्थान के ‘पौधे एवं प्रदूषण’ केंद्र ने एक विशेष कोना बनाया है, जो बताता है कि प्रदूषण कम करने में कौन से पौधे कारगर हैं। यहां संस्थान द्वारा विकसित हर्बल उत्पाद, बोन्साई, कैक्टस और संकटग्रस्त पौधों की जानकारी भी दी जा रही है। जो लोग खुद फूल उगाना चाहते हैं, उनके लिए गुलाब और ग्लैडियोलस की खेती की तकनीकी बारीकियां भी साझा की जा रही हैं।
इनामों की बौछार
शानदार प्रदर्शन करने वालों को प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार दिए जाएंगे। वहीं, सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले को निदेशक ट्रॉफी और महानिदेशक ट्रॉफी से नवाजा जाएगा।
नोट: यदि आप भी इन फूलों की खूबसूरती को करीब से देखना चाहते हैं, तो यह प्रदर्शनी 25 जनवरी (रविवार) को सुबह 10:00 बजे से शाम 5:30 बजे तक आम जनता के लिए खुली रहेगी।
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