KGMU धर्मांतरण कांड: पुलिस के हत्थे चढ़ा फर्जी निकाह का गवाह, पीलीभीत से दबोचा गया शारिक खान

Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में महिला डॉक्टरों को झांसे में लेकर उनका धर्मांतरण कराने वाले गिरोह के खिलाफ पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है। गुरुवार देर रात चौक पुलिस ने पीलीभीत के न्योरिया इलाके से इस मामले के एक और नामजद आरोपी शारिक खान को गिरफ्तार कर लिया है।

शारिक खान की तलाश में पुलिस की एक विशेष टीम पिछले कई दिनों से उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की सीमाओं पर खाक छान रही थी। पुलिस को जानकारी मिली थी कि शारिक खटीमा और पीलीभीत के बीच कहीं छिपा है। गुरुवार को जैसे ही उसकी सटीक लोकेशन मिली, पुलिस ने न्योरिया में छापेमारी कर उसे धर दबोचा।

क्या है शारिक खान का रोल

शारिक खान इस पूरे मामले में एक अहम कड़ी माना जा रहा है। आरोप है कि मुख्य आरोपी डॉ. रमीज मलिक ने जब एक पीड़ित महिला डॉक्टर का जबरन धर्मांतरण कराकर ‘निकाह’ किया, तो शारिक ने उस निकाहनामे में गवाह के तौर पर दस्तखत किए थे। पुलिस अब शारिक से यह उगलवाने की कोशिश करेगी कि इस गिरोह में और कौन-कौन शामिल है और क्या उन्होंने अन्य लड़कियों को भी निशाना बनाया है।

इस सनसनीखेज कांड की परतें तब खुलीं जब 23 दिसंबर को केजीएमयू के पैथोलॉजी विभाग में तैनात पश्चिम बंगाल की एक डॉक्टर ने डॉ. रमीज मलिक के खिलाफ केस दर्ज कराया। आरोप था कि रमीज ने अपनी पहचान छिपाकर उसका यौन शोषण किया और धर्म बदलने का दबाव बनाया। इसके बाद आगरा की एक और महिला डॉक्टर ने सामने आकर आपबीती सुनाई। उसने बताया कि रमीज ने उसका धर्मांतरण कराकर जबरन निकाह किया था। इसी निकाह में शारिक खान गवाह बना था और काजी जाहिद ने निकाह पढ़वाया था।

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