Lucknow News: हिंद मेडिकल ट्रस्ट के चेयरमैन अमोद सचान पर धोखाधड़ी की FIR, जानिए पूरा मामला

Sandesh Wahak Digital Desk: राजधानी लखनऊ के कैसरबाग थाने में ‘हिंद चैरिटेबल ट्रस्ट’ के चेयरमैन अमोद कुमार सचान और उनकी पत्नी समेत कई लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और विश्वासघात का मुकदमा दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई कोर्ट के आदेश पर हुई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि चेयरमैन ने ट्रस्ट के दस्तावेजों में हेराफेरी कर बैंक खातों से करोड़ों रुपये का खेल किया है।

ट्रस्ट की नींव और भरोसे का कत्ल

बहराइच के रायपुर राजा निवासी बृज किशोर सिंह ने यह मामला दर्ज कराया है। उन्होंने बताया कि साल 2004 में उन्होंने समाजसेवा के उद्देश्य से इस ट्रस्ट की नींव रखी थी। इसमें डॉ. अमोद कुमार सचान, सुशीला चौधरी, डॉ. हरीश चंद्र, रिचा मिश्रा और अन्य लोग शामिल थे। सभी ने मिलकर अमोद सचान को चेयरमैन चुना था, लेकिन किसे पता था कि वही भरोसे की नींव हिला देंगे।

ऐसे खुली जालसाजी की परतें

बृज किशोर सिंह के मुताबिक, ट्रस्ट के खाते बैंक ऑफ बड़ौदा और इंडियन ओवरसीज बैंक में थे। लेकिन उन्हें तब झटका लगा जब पता चला कि अमोद ने उनकी जानकारी के बिना एचडीएफसी बैंक में कई नए खाते खोल लिए हैं। आरोप है कि अमोद ने ‘ट्रस्ट डीड’ की कॉपी में फर्जी तरीके से बदलाव किया और अन्य ट्रस्टियों के नाम हटा दिए। ट्रस्टी हरीश चंद्र और सुनील की मौत के बाद अमोद ने खुद को चेयरमैन और अपनी पत्नी रिचा मिश्रा को वाइस चेयरमैन घोषित कर दिया। इसी फर्जी डीड के आधार पर बैंकों से करोड़ों रुपये की ओवरड्राफ्ट (OD) लिमिट और बैंक गारंटी हासिल कर ली गई।

कोर्ट के दखल के बाद दर्ज हुई रिपोर्ट

पीड़ित बृज किशोर का कहना है कि उन्होंने पहले कैसरबाग थाने में शिकायत की थी, लेकिन पुलिस ने कोई सुनवाई नहीं की। इसके बाद उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट की सख्ती के बाद बुधवार शाम को कैसरबाग कोतवाली में एफआईआर दर्ज हुई। इंस्पेक्टर ए.के. मिश्रा ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है और जल्द ही बैंक रिकॉर्ड्स खंगाले जाएंगे।

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