व्हाइट हाउस के बाहर गोलीबारी, सुरक्षित स्थान पर ले जाए गए ट्रंप, ईरानी धमकी के बीच अमेरिका में ‘हाई अलर्ट’

Sandesh Wahak Digital Desk: दुनिया के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले पते ‘1600 पेंसिलवेनिया एवेन्यू’ यानी व्हाइट हाउस के बाहर रविवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट सुनाई दी। ईरान के साथ जारी भीषण युद्ध और तेहरान की ओर से मिल रही लगातार धमकियों के बीच हुई इस वारदात ने अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों के होश उड़ा दिए हैं।

राष्ट्रपति ट्रंप को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया

सीक्रेट सर्विस के मुताबिक, फायरिंग की यह घटना व्हाइट हाउस के ठीक सामने स्थित लाफायेट पार्क के पास हुई। जिस वक्त गोलियां चलीं, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भीतर ही मौजूद थे। सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत उन्हें तुरंत एक सुरक्षित भूमिगत स्थान (Bunker) पर ले जाया गया। बताया जा रहा है कि हमलावर एक वाहन में सवार था और वारदात को अंजाम देकर गायब हो गया। सुरक्षा एजेंसियां सीसीटीवी फुटेज के जरिए संदिग्ध वाहन की तलाश कर रही हैं।

ड्रोन और संदिग्ध विमानों का बढ़ता साया

अमेरिका के लिए यह कोई इकलौती सुरक्षा चूक नहीं है। पिछले कुछ दिनों से अमेरिकी आसमान में अज्ञात खतरों का साया मंडरा रहा है। हाल ही में फ्लोरिडा में एक संदिग्ध विमान दिखने के बाद F-16 फाइटर जेट्स को तुरंत स्कैंबल (Scramble) करना पड़ा। 19 मार्च को विदेश मंत्री मार्को रुबियो और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के आवासों के ऊपर अज्ञात ड्रोन मंडराते देखे गए थे। अमेरिका के प्रमुख एयरफोर्स बेस (MacDill और Joint Base McGuire) पर सुरक्षा स्तर को बढ़ाकर ‘चार्ली’ (Charlie Status) कर दिया गया है।

ईरानी ‘लोन वुल्फ’ हमले की आशंका?

रक्षा विशेषज्ञ इस फायरिंग को ईरान के साथ चल रहे युद्ध से जोड़कर देख रहे हैं। आशंका जताई जा रही है कि यह ‘लोन वुल्फ’ अटैक हो सकता है, जो ईरान समर्थित गुटों से प्रभावित किसी अकेले हमलावर की साजिश हो। ईरान अपनी घातक ड्रोन टेक्नोलॉजी और छापामार युद्ध के लिए जाना जाता है, जिससे अब सीधे अमेरिकी सरजमीं पर खतरा बढ़ गया है।

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