अमेठी की पूनम ने पेश की स्वावलंबन की मिसाल, ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना’ से बदली तकदीर

Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार द्वारा युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की मुहिम अब धरातल पर रंग ला रही है। इसकी जीवंत मिसाल बनी हैं अमेठी जिले के गौरीगंज की रहने वाली पूनम। कभी साधारण घरेलू परिस्थितियों में रहने वाली पूनम आज मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के सहयोग से एक सफल आर्टिफिशियल ज्वेलरी स्टोर की मालकिन बन चुकी हैं।

शून्य से शिखर तक का सफर

पूनम की सफलता की कहानी अगस्त 2025 में शुरू हुई, जब उन्हें एक मित्र के जरिए प्रदेश सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना की जानकारी मिली। दिसंबर 2025 में उन्हें योजना के तहत ₹2.55 लाख की पहली किश्त मिली। इसके बाद इंडियन बैंक के सहयोग से उन्हें ₹1.70 लाख का अतिरिक्त ऋण प्राप्त हुआ। शेष आवश्यक धनराशि का प्रबंध पूनम ने अपनी निजी बचत से किया, जो उनके अटूट आत्मविश्वास को दर्शाता है।

‘मुन्ना कैलाश ज्वेलर्स’ ने बदली पहचान

पूंजी की व्यवस्था होते ही पूनम ने गौरीगंज में “मुन्ना कैलाश ज्वेलर्स” नाम से अपनी आर्टिफिशियल ज्वेलरी की दुकान शुरू की। इस व्यवसाय में उनके पति ने भी कंधे से कंधा मिलाकर उनका साथ दिया। आज यह दुकान न केवल उनके परिवार की आजीविका का मुख्य साधन है, बल्कि पूरे गांव में भरोसे का प्रतीक बन चुकी है। पूनम की आय में निरंतर हो रही वृद्धि ने उन्हें क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए एक ‘रोल मॉडल’ बना दिया है।

आत्मनिर्भरता का ‘योगी मॉडल’

पूनम का कहना है कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना ने उन्हें न केवल आर्थिक रूप से सशक्त किया, बल्कि समाज में सिर उठाकर जीने का आत्मविश्वास भी दिया। यह कहानी इस बात का प्रमाण है कि यदि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का सही दिशा में उपयोग किया जाए, तो आम आदमी भी उद्यमी बनकर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में योगदान दे सकता है।

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