Prayagraj News: एसआरएन अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भिड़े डॉक्टर और वकील, डॉक्टरों के हमले में कई घायल

Prayagraj News: संगम नगरी के स्वरूपरानी नेहरू (SRN) चिकित्सालय के ट्रॉमा सेंटर में बुधवार तड़के करीब 5:30 बजे उस समय भारी हंगामा और मारपीट हो गई, जब सड़क हादसे में घायल इलाहाबाद हाई कोर्ट की युवा महिला अधिवक्ता जागृति शुक्ला को इलाज के लिए लाया गया। प्रत्यक्षदर्शियों और घायल पक्ष का आरोप है कि घटना के वक्त ट्रॉमा सेंटर में तैनात डॉक्टर सो रहे थे। जब उन्हें जगाकर घायल का तुरंत इलाज करने को कहा गया, तो वे आगबबूला हो गए और अभद्रता करने लगे। इस बदसलूकी का विरोध करने और मोबाइल से वीडियो बनाने की कोशिश करने पर डॉक्टरों ने फोन छीन लिया और मारपीट शुरू कर दी।

इस हिंसक झड़प में महिला अधिवक्ता के भाई अभिषेक शुक्ला, पिता पवन कुमार शुक्ला और उनके साथ आए कई अन्य युवा वकीलों को गंभीर चोटें आई हैं। आरोप है कि डॉक्टरों ने अपने अन्य साथियों को बुलाकर सर्जिकल ब्लेड और कैंची जैसे मेडिकल उपकरणों से हमला किया, जिससे कई लोगों की कलाई और गर्दन पर जख्म हो गए। घटना के बाद दोनों पक्षों में भारी तनाव फैल गया और जूनियर डॉक्टरों ने काम बंद कर दिया।

सीनियर डॉक्टरों ने संभाली ओपीडी

इस टकराव के बाद सुबह 6:00 बजे से ही अस्पताल का ट्रॉमा सेंटर पूरी तरह ठप हो गया। डॉक्टरों की हड़ताल के कारण नए मरीजों के ओपीडी पर्चे और पंजीकरण काउंटर बंद कर दिए गए, जिससे चित्रकूट, रीवा और प्रयागराज के ग्रामीण इलाकों से आए सैकड़ों तीमारदार इलाज के लिए भटकते नजर आए। हालांकि, अस्पताल प्रशासन ने मेडिसिन, हार्ट, ईएनटी और सर्जरी विभागों की ओपीडी में सीनियर डॉक्टरों को बैठाया है, लेकिन पर्चे न बनने के कारण मरीजों को डॉक्टरों तक पहुंचने में भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है।

बार एसोसिएशन ने दी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

मामले की गंभीरता को देखते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष विष्णु पांडे तुरंत अस्पताल पहुंचे। उन्होंने डॉक्टरों की इस हरकत को दबंगई करार देते हुए कहा कि महिला अधिवक्ताओं के साथ हुई इस बर्बरता का कानूनन जवाब दिया जाएगा और दोषियों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कराई जाएगी।

दूसरी ओर, स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए एडीएम सिटी सत्यम मिश्रा, एसडीएम, एसीपी और कई थानों की पुलिस फोर्स अस्पताल परिसर में तैनात कर दी गई है। मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्रिसिंपल डॉ. वीके पांडे ने कहा कि पूरे विवाद की बारीकी से जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज और बयानों के आधार पर जो भी पक्ष दोषी पाया जाएगा, चाहे वह डॉक्टर हों या तीमारदार, उनके खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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