राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में वकीलों का बड़ा ऐलान, नहीं लेंगे आरोपियों का केस
Ayodhya Ram Mandir Donation Scam: अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। फैजाबाद बार एसोसिएशन ने सर्वसम्मति से फैसला किया है कि इस मामले में गिरफ्तार किसी भी आरोपी की कोई भी अधिवक्ता अदालत में पैरवी नहीं करेगा। सोमवार को हुई विशेष बैठक में यह प्रस्ताव मंजूर किया गया। इस फैसले के बाद पूरे कानूनी समुदाय में हलचल मच गई है।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्र ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि यदि कोई अधिवक्ता आरोपियों की पैरवी करता है, तो उस पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा और जुर्माना न देने की स्थिति में उसकी सदस्यता समाप्त कर दी जाएगी।
जांच टीम गठित, ट्रस्ट पदाधिकारियों पर भी सवाल
बार एसोसिएशन ने यह भी निर्णय लिया कि अभियोजन पक्ष की मजबूत पैरवी के लिए पदाधिकारियों की एक टीम और पांच अधिवक्ताओं का समूह बनाया जाएगा। साथ ही जिलाधिकारी को पत्र भेजकर मांग की जाएगी कि वकीलों के प्रतिनिधियों को भी जांच प्रक्रिया में शामिल किया जाए।
इसके अलावा बार ने श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और निष्पक्ष जांच की मांग की है। यह भी कहा गया कि जांच पूरी होने तक उन्हें अयोध्या से बाहर न जाने दिया जाए।
वकीलों में भारी आक्रोश, अयोध्या बंद की चेतावनी
बैठक के दौरान वकीलों में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिला। कई अधिवक्ताओं ने आरोपियों को जेल भेजने और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। कुछ वकीलों ने तीन दिनों के अंदर आरोपियों को अयोध्या छोड़ने का अल्टीमेटम भी दिया और कहा कि ऐसा न होने पर शहर को जाम कर दिया जाएगा।
बार सचिव शैलेंद्र जायसवाल ने कहा कि इस चोरी की घटना ने आस्था को चोट पहुंचाई है और अयोध्या की छवि को नुकसान हुआ है। वहीं अधिवक्ता विवेक कुमार सिंह ने कहा कि आरोपियों को जनता के सामने लाया जाना चाहिए था, जबकि अधिवक्ता राजेंद्र चौधरी ने बुलडोजर कार्रवाई की मांग उठाई।
गौरतलब है कि SIT की जांच के बाद आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और उनके पास से लगभग 80 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं।
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