प्रोटेस्ट में इंटरनेट शटडाउन होने के बाद Bitchat से जुड़े रहे प्रदर्शनकारी! सरकार ने फाउंडर को भेजा नोटिस
Sandesh Wahak Digital Desk: दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच एक मैसेजिंग ऐप Bitchat अचानक चर्चा में आ गया है। दावा किया जा रहा है कि मोबाइल इंटरनेट बंद होने के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने आपस में संपर्क बनाए रखने के लिए इस ऐप का इस्तेमाल किया। इसी बीच भारत सरकार ने GitHub को नोटिस भेजकर Bitchat से जुड़ी रिपॉजिटरी (सोर्स कोड और संबंधित फाइलें) हटाने का निर्देश दिया है।
हालांकि, दिल्ली पुलिस ने अब तक यह पुष्टि नहीं की है कि प्रदर्शन के दौरान Bitchat का ही इस्तेमाल हुआ था। पुलिस फिलहाल ब्लूटूथ आधारित मैसेजिंग ऐप्स के इस्तेमाल की जांच कर रही है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जंतर-मंतर के आसपास कुछ समय के लिए मोबाइल इंटरनेट सेवाएं प्रभावित होने के बाद प्रदर्शनकारियों ने ब्लूटूथ आधारित मैसेजिंग ऐप्स का सहारा लिया। इसी बीच Bitchat का नाम सामने आया।
इसके बाद गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाले इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने GitHub को नोटिस भेजा। नोटिस में Bitchat से जुड़ी तीन रिपॉजिटरी को हटाने या उनका एक्सेस बंद करने के निर्देश दिए गए।
सरकार का कहना है कि ऐसा प्लेटफॉर्म इंटरनेट बंद होने की स्थिति में भी लोगों को जोड़ सकता है और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में इसका गलत इस्तेमाल हो सकता है।
जैक डॉर्सी ने क्या कहा?
Bitchat के निर्माता और X (पूर्व ट्विटर) के सह-संस्थापक जैक डॉर्सी ने इस नोटिस के स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर साझा किए।
उन्होंने लिखा कि भारत सरकार को Bitchat जैसी तकनीक पसंद नहीं है और वह चाहती है कि इसे हटाया जाए।
डॉर्सी की पोस्ट के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा का विषय बन गया।
Bitchat क्या है और कैसे काम करता है?
Bitchat एक ब्लूटूथ आधारित पीयर-टू-पीयर (Peer-to-Peer) मैसेजिंग ऐप है।
इसकी खास बात यह है कि इसमें संदेश भेजने के लिए मोबाइल इंटरनेट, वाई-फाई या किसी केंद्रीय सर्वर की जरूरत नहीं होती। यह आसपास मौजूद डिवाइसों को ब्लूटूथ के जरिए जोड़कर मैसेज पहुंचाने का काम करता है।
इसी वजह से इंटरनेट बंद होने की स्थिति में भी सीमित दायरे में लोग आपस में संपर्क कर सकते हैं।
सरकार ने किस आधार पर दिया नोटिस?
सरकार ने आईटी एक्ट 2000 और आईटी नियम 2021 के तहत GitHub को नोटिस जारी किया। नोटिस में कहा गया कि Bitchat की रिपॉजिटरी को तीन घंटे के भीतर हटाया जाए या उनका एक्सेस बंद किया जाए।
सरकार का तर्क है कि ऐसे प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल इंटरनेट बंद होने की स्थिति में निगरानी से बचने और गैर-कानूनी गतिविधियों के समन्वय के लिए किया जा सकता है।
हालांकि, अब तक किसी सरकारी एजेंसी ने यह आधिकारिक रूप से नहीं कहा है कि जंतर-मंतर प्रदर्शन में Bitchat का इस्तेमाल हुआ था। फिलहाल इस पूरे मामले की जांच जारी है।
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